शेयर बाजार में जबरदस्त रिकवरी: Sensex 1,200 अंक उछला, Nifty 25,300 के करीब

Green bull statue representing a bullish trend in the Indian stock market with a rising arrow.

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भारी उतार-चढ़ाव के बीच जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली। सुबह के सत्र में 1,000 अंकों से अधिक टूटने के बाद, Sensex और Nifty ने निचले स्तरों पर सक्रिय हुई खरीदारी के दम पर शानदार वापसी की। निफ्टी ने एक बार फिर 25,250 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर निवेशकों को राहत दी है।

शेयर बाजार में रिकवरी: सुबह की गिरावट के बाद कैसे पलटी बाजी?

बुधवार को कारोबारी सत्र की शुरुआत निवेशकों के लिए डरावनी रही। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 1,056 अंक गिरकर 81,124 के स्तर पर आ गया था। वहीं, निफ्टी भी चार महीने के निचले स्तर यानी 25,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया था। हालांकि, दोपहर होते-होते बाजार का परिदृश्य पूरी तरह बदल गया।

दोपहर करीब 12:45 बजे तक, सेंसेक्स अपने दिन के निचले स्तर से लगभग 1,200 अंक सुधरकर 82,170 के पार ट्रेड करने लगा। इस रिकवरी ने न केवल निवेशकों का घाटा कम किया, बल्कि बाजार में निचले स्तरों पर मजबूत सपोर्ट होने के संकेत भी दिए।

शेयर बाजार में रिकवरी के पीछे 5 बड़े कारण

बाजार के जानकारों का मानना है कि इस अचानक आए उछाल के पीछे कई घरेलू और वैश्विक कारक जिम्मेदार हैं। मुख्य रूप से ‘वैल्यू बाइंग’ ने बाजार को सहारा दिया।

  1. निचले स्तरों पर वैल्यू बाइंग: मंगलवार की बड़ी गिरावट के बाद कई ब्लू-चिप कंपनियों के शेयर आकर्षक कीमतों पर उपलब्ध थे। बड़े संस्थागत निवेशकों ने इस गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में देखा, जिससे इंडेक्स ऊपर आए।
  2. बैंकिंग शेयरों में सुधार: बैंक निफ्टी, जो सुबह 1,000 अंक तक गिर चुका था, दोपहर तक काफी हद तक संभल गया। बैंकिंग इंडेक्स में आई इस रिकवरी ने ओवरऑल मार्केट सेंटीमेंट को बूस्ट किया।
  3. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें गिरकर 64 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई हैं। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है, जिससे व्यापार घाटा कम होने की उम्मीद जगती है।
  4. अमेरिकी फ्यूचर्स से सहारा: वैश्विक बाजारों में गिरावट के बावजूद, अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स (S&P 500 और Dow Jones) बुधवार को हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। इसने भारतीय बाजार के लिए ‘कॉन्फिडेंस बूस्टर’ का काम किया।
  5. IT सेक्टर की वापसी: शुरुआती बिकवाली के बाद TCS और विप्रो जैसे बड़े आईटी शेयरों में सुधार दिखा। निफ्टी आईटी इंडेक्स ने निचले स्तरों से 500 अंकों की छलांग लगाई, जिसने निफ्टी को ऊपर धकेलने में अहम भूमिका निभाई।

इन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा तेजी

बाजार की इस रिकवरी में Power Grid, Grasim और NTPC जैसे शेयरों ने सबसे ज्यादा योगदान दिया। ये स्टॉक्स करीब 2 प्रतिशत तक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर, ट्रेंट (Trent) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) जैसे शेयरों में दबाव बना रहा, जिससे पता चलता है कि बाजार अभी भी पूरी तरह से जोखिम मुक्त नहीं हुआ है।

विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि बाजार ने रिकवरी दिखाई है, लेकिन निवेशकों को अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है। ग्लोबल अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के चलते आने वाले दिनों में भी बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।

बाजार का आगे का रुख कैसा रहेगा?

तकनीकी चार्ट्स पर नजर डालें तो निफ्टी के लिए 25,000 का स्तर एक मजबूत बेस के रूप में उभर रहा है। यदि बाजार इस स्तर के ऊपर टिकने में कामयाब रहता है, तो आने वाले सत्रों में और तेजी देखी जा सकती है। हालांकि, ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव अभी भी कायम है, इसलिए रिटेल निवेशकों को ‘स्टॉप-लॉस’ के साथ काम करने की सलाह दी जाती है।

उपलब्ध विवरणों और बाजार के आंकड़ों के आधार पर यह स्पष्ट है कि भारतीय बाजार अपनी आंतरिक मजबूती के दम पर बाहरी झटकों को सहने की कोशिश कर रहा है।

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