भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर बुधवार को भी जारी रहा। वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों और विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली के बीच सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही सूचकांक लाल निशान पर बंद हुए। उतार-चढ़ाव भरे इस कारोबारी सत्र में बाजार ने अपनी शुरुआती बढ़त खो दी और निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल देखा गया।
बुधवार, 21 जनवरी को भारतीय शेयर बाजार के लिए दिन काफी चुनौतीपूर्ण रहा। सेंसेक्स 270.84 अंक यानी 0.33% फिसलकर 81,909.63 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी50 में भी 75 अंकों की कमजोरी देखी गई और यह 25,157.50 के स्तर पर सिमट गया। बाजार की इस हलचल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

शेयर बाजार में गिरावट के मुख्य वैश्विक कारण
बाजार के जानकारों के अनुसार, इस बिकवाली के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ नीतियां हैं। ट्रंप ने आठ यूरोपीय देशों पर नए आयात शुल्क लगाने की धमकी दी है, जिससे वैश्विक व्यापार युद्ध (Trade War) छिड़ने का डर पैदा हो गया है। इसके अलावा, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ में राहत देने से फिलहाल इनकार करने ने भी वैश्विक सेंटीमेंट को खराब किया है।
डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर
बाजार में बिकवाली के साथ-साथ भारतीय मुद्रा के लिए भी दिन अच्छा नहीं रहा। बुधवार को रुपया 76 पैसे की भारी गिरावट के साथ 91.73 प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया। विदेशी फंड्स का लगातार बाहर जाना और डॉलर की मजबूती ने घरेलू मुद्रा पर दबाव बनाया है। जब रुपया कमजोर होता है, तो विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के लिए भारतीय बाजार से पैसा निकालना और भी तेज हो जाता है।
बैंकिंग सेक्टर में बिकवाली का दबाव
आज के कारोबार में बैंकिंग शेयरों ने बाजार को नीचे खींचने में अहम भूमिका निभाई। निजी क्षेत्र के दिग्गज आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) और एक्सिस बैंक (Axis Bank) के शेयरों में 2% तक की गिरावट दर्ज की गई। इनके अलावा ट्रेंट और टाटा कंज्यूमर जैसे बड़े स्टॉक्स भी टॉप लूजर्स की सूची में शामिल रहे।
मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स का हाल
सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जमकर बिकवाली हुई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स करीब 1.14% गिरकर बंद हुआ। इसमें कल्याण ज्वेलर्स के शेयर में 12% की भारी गिरावट आई, जिसका मुख्य कारण कुछ बड़े म्यूचुअल फंड्स द्वारा अपनी हिस्सेदारी बेचना बताया जा रहा है। हालांकि, इस गिरावट के बीच भी ‘ईटरनल’ और ‘आईटीसी होटल्स’ जैसे शेयरों ने अपने शानदार तिमाही नतीजों के दम पर मजबूती दिखाई।

संस्थागत निवेशकों की चाल
एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार से ₹32,938.33 करोड़ की भारी-भरकम निकासी की। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹3,665.69 करोड़ की खरीदारी करके बाजार को संभालने की कोशिश की, लेकिन विदेशी बिकवाली का दबाव इतना अधिक था कि बाजार संभल नहीं सका।
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