Security guard suspended for taking bribe from drug dealer in Rewa: मध्य प्रदेश में पुलिस नशे के खिलाफ जोर-शोर से अभियान चला रही है, लेकिन दूसरी ओर कुछ पुलिसकर्मियों की नशा कारोबारियों से सांठगांठ के मामले सामने आ रहे हैं। रीवा के सिविल लाइन थाने में तैनात आरक्षक पंकज मिश्रा पर नशे के कारोबारी से 5 लाख रुपये वसूलने का गंभीर आरोप लगा है।
जानकारी के अनुसार, आरक्षक पंकज मिश्रा ने नशा तस्करी में लिप्त आरोपी रवी दाहिया को पकड़ने के बाद उसे थाने ले जाने के बजाय विद्या हॉस्पिटल के पास से सीधे एक होटल में छोड़ दिया। इस ‘मदद’ के बदले उन्होंने 3 लाख रुपये वसूले। इसके अलावा, आरोपी का मोबाइल फोन वापस करते हुए पुलिस की ट्रैकिंग से बचाने के लिए अतिरिक्त डेढ़ लाख रुपये भी ऐंठे। इस तरह कुल 5 लाख रुपये की वसूली का मामला सामने आया है।मामला प्रकाश में आते ही पुलिस अधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरक्षक पंकज मिश्रा को तत्काल निलंबित कर दिया है और उन्हें लाइन अटैच किया गया है। साथ ही विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
बतादें कि कुछ समय पूर्व पुलिस विभाग के एक कार्यक्रम के दौरान पुलिस महानिरीक्षक ने कहा था कि उनके पास नशा कारोबारियों से ‘याराना’ निभाने वाले पुलिसकर्मियों की सूची तैयार है, जिसके आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, उसके बाद ऐसे कई मामले ठंडे बस्ते में चले गए थे। यह नया मामला एक बार फिर सवाल खड़े कर रहा है कि क्या नशे के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान वाकई प्रभावी है या सिर्फ दिखावा? पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और मिलीभगत के आरोपों के बीच आम जनता में पुलिस की छवि पर गहरा असर पड़ रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।
