Kishtwara Attack : जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सिंगपोरा इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। खुफिया जानकारी के अनुसार, इस मुठभेड़ में प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े आतंकवादियों के फंसे होने की खबर है। सुरक्षाबल रणनीतिक रूप से आतंकियों की घेराबंदी कर उन्हें मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं।
पुलिस ने कठुआ में आतंकी ठिकाने किए नेस्तनाबूत।
पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। किश्तवाड़ में जारी इस ऑपरेशन के अलावा, पिछले कुछ दिनों में घाटी के अन्य हिस्सों में भी महत्वपूर्ण सफलताएं मिली हैं। पुलिस ने कठुआ जिले में आतंकियों के तीन गुप्त ठिकानों को नष्ट किया है। इन ठिकानों से रसद सामग्री, जिसमें देसी घी और बादाम जैसे सूखे मेवे शामिल थे, बरामद की गई है। हालांकि, आतंकी भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे, जिसकी तलाश जारी है। राजौरी सेक्टर में सीमा पार से एक संदिग्ध ड्रोन देखा गया, जिस पर भारतीय सेना ने तुरंत फायरिंग कर उसे खदेड़ दिया। माना जा रहा है कि यह ड्रोन निगरानी या हथियारों की तस्करी के उद्देश्य से भेजा गया था।
आतंकी नेटवर्क के खिलाफ आर्थिक प्रहार। Kishtwara Attack
आतंकवाद की कमर तोड़ने के लिए प्रशासन ने अब उनके आर्थिक ढांचे पर भी हमला तेज कर दिया है। इसी कड़ी में जनवरी की शुरुआत में घोषित आतंकवादी रफीक नाई उर्फ सुल्तान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। मेंढर तहसील के गांव नर में सुल्तान की लगभग 10 लाख रुपये की कृषि भूमि कुर्क की गई। रफीक नाई वर्तमान में पाकिस्तान से संचालित तहरीक-उल-मुजाहिदीन और जम्मू कश्मीर गजनवी फोर्स का मुख्य हैंडलर और लॉन्च कमांडर है।
इलाके में की जा रही है ड्रोन से निगरानी। Kishtwara Attack
घाटी में शांति भंग करने की हर कोशिश को नाकाम करने के लिए सेना, सीआरपीएफ (CRPF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस मिलकर काम कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि आतंकियों के खिलाफ यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित नहीं कर लिया जाता। किश्तवाड़ में वर्तमान में अतिरिक्त कुमुक भेज दी गई है और इलाके की ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है।

