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रीवा: लापता फौजी की तलाश में जुटी SDRF टीम ने दिखाई जांबाजी, नहर में डूब रही बुजुर्ग महिला को बचाया

SDRF team rescues elderly woman drowning in canalSDRF team rescues elderly woman drowning in canal

SDRF team rescues elderly woman drowning in canal

रीवा। जिले के सिरपरा नहर में गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एक लापता फौजी के जवान की सर्चिंग में जुटी ‘स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स’ (SDRF) की टीम की तत्परता और एक जवान की मुस्तैदी से गहरे पानी में डूब रही एक बुजुर्ग महिला की जान बच गई। जवान ने अपनी जान की परवाह न करते हुए फौरन नहर में छलांग लगाई और महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

चक्कर आने से अनियंत्रित होकर नहर में गिरीं महिला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम भटलो निवासी बुजुर्ग महिला पार्वती चतुर्वेदी चिरहुला कॉलोनी से वापस अपने गांव लौट रही थीं। इसी दौरान जब वह सिरपरा नहर के पास से गुजर रही थीं, तो अचानक उन्हें तेज चक्कर आ गया। चक्कर आने के कारण वह खुद को संभाल नहीं पाईं और असंतुलित होकर सीधे गहरी और उफनती हुई नहर में जा गिरीं।

देवदूत बनकर कूदे SDRF के जवान हरिओम मिश्रा
जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय SDRF की टीम वहां पहले से ही एक लापता फौजी के जवान की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही थी। महिला को नहर में गिरता और डूबता देख मौके पर तैनात SDRF के सैनिक हरिओम मिश्रा ने एक सेकंड भी नहीं गंवाया। उन्होंने तत्काल नहर के गहरे पानी में छलांग लगा दी। कड़े संघर्ष के बाद जवान हरिओम ने महिला को पानी के तेज बहाव से सुरक्षित बाहर निकाला और किनारे पर लाकर उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार (First Aid) दिया।

मुस्तैदी की मिसाल: अगर मौके पर SDRF की टीम मौजूद नहीं होती और जवान हरिओम मिश्रा त्वरित निर्णय नहीं लेते, तो तेज बहाव के कारण कोई भी अनहोनी हो सकती थी। जवान की इस जांबाजी की स्थानीय लोगों द्वारा जमकर सराहना की जा रही है।

सहम गई थीं बुजुर्ग महिला, डायल 112 की मदद से पहुंचाया परिजनों तक
हादसे के बाद बुजुर्ग महिला पार्वती चतुर्वेदी इस कदर सहम और डर गई थीं कि वे काफी देर तक अपने परिजनों का नाम या मोबाइल नंबर बताने की स्थिति में भी नहीं थीं। महिला की मानसिक स्थिति को देखते हुए SDRF की टीम ने संवेदनशीलता दिखाई और तुरंत ‘डायल 112’ को सूचना देकर मौके पर बुलाया। इसके बाद महिला को सुरक्षित रूप से पुलिस के सुपुर्द किया गया, ताकि पुलिस प्रशासन उन्हें सकुशल उनके घर और परिजनों तक पहुंचा सके।

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