रीवा जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। शहर के गायत्री नगर इलाके में भारी जलभराव होने के कारण कई लोग पिछले कई दिनों से अपने-अपने घरों में फंसे हुए थे। इस बीच, गंभीर रूप से बीमार और दुर्घटना में घायल हुए मरीजों के लिए उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल की त्वरित पहल वरदान साबित हुई।
स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, गायत्री नगर निवासी रीना तिवारी फेफड़ों के गंभीर संक्रमण से पीड़ित थीं, वहीं दूसरी ओर शुभम सिंह परिहार का एक्सीडेंट हो जाने के कारण उनके पैरों में तेज दर्द और अन्य गंभीर शारीरिक दिक्कतें थीं। लेकिन इलाके में भारी जलभराव होने के कारण ये सभी मरीज इलाज के लिए अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे थे। जैसे ही इस आपात हालात और मरीजों की गंभीर स्थिति की जानकारी उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल को मिली, उन्होंने बिना किसी देरी के इन मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने के सख्त निर्देश दिए।
डिप्टी सीएम के निर्देश मिलते ही जिला सेनानी मीनाक्षी चौहान के मार्गदर्शन में एसडीआरएफ (SDRF) की पांच सदस्यीय विशेष टीम ने तुरंत मौके पर मोर्चा संभाला। टीम ने भारी जलभराव और कड़े हालातों के बीच कड़ी मशक्कत करते हुए कुल 9 लोगों का सकुशल रेस्क्यू किया। सभी रेस्क्यू किए गए मरीजों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बचाई जा सकी और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है।
उपमुख्यमंत्री ने किया बाढ़ प्रभावित वार्डों और ग्रामीण इलाकों का दौरा
एक तरफ जहां प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा रहा, वहीं दूसरी तरफ उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बुधवार को रीवा नगर निगम अंतर्गत अतिवृष्टि से जलभराव से प्रभावित विभिन्न वार्डों तथा ग्रामीण क्षेत्रों का व्यक्तिगत दौरा किया। उन्होंने ग्राम लक्ष्मणपुर, मैरहा टोला, लोही, भटलो, कोठी और अन्य बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर वहां के नागरिकों से आत्मीय संवाद किया और उनका कुशलक्षेम जाना। इस दौरान उनके साथ नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पाण्डेय और नेता प्रतिपक्ष दीनानाथ वर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
उपमुख्यमंत्री ने बाढ़ग्रस्त और जलभराव वाले इलाकों का बारीकी से जायजा लेने के बाद मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को युद्ध स्तर पर व्यवस्थाएं पुनः सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों के स्वास्थ्य परीक्षण, शुद्ध पेयजल की आपूर्ति, आवश्यक दवाइयों और अन्य राहत सामग्रियों के समुचित प्रबंध तुरंत सुनिश्चित किए जाएं, ताकि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और उन्हें जल्द से जल्द पूरी राहत मिल सके।

