देश की सबसे बड़े पब्लिक सेक्टर के बैंक एसबीआई ने शनिवार को अपनी ऐसेट मैनेजमेंट इकाई SBI Funds IPO सिर्फ पहले बड़ा कदम उठाते हुए एसबीआई फंड मैनेजमेंट में 1.42% हिस्सेदारी को बेचकर 1655 करोड रुपए जुटाए हैं। यह आईपीओ शेयर बिक्री इंस्टीट्यूशन निवेशकों के लिए है जिससे आने वाले आईपीओ को लेकर बाजार का भरोसा और निवेश करने वाले लोगों के दिलचस्पी बढ़ेगी।
SBI Funds IPO से पहले हुई प्री-IPO हिस्सेदारी की बिक्री
स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने एसबीआई फंड मैनेजमेंट में अपनी 1.42% की हिस्सेदारी लगभग 574 रुपए प्रति शेयर के भाव से 30 निवेश करने वाले लोगों को बेच दिया है। इस सऊदी से बैंक को कल 1655 करोड रुपए प्राप्त हुए कंपनी के आईपीओ से पहले हुई ये आईपीओ प्लेसमेंट इस बात का संकेत है कि बड़े निवेदक में कंपनी की मौजूदा वैल्यूएशन पर अपना भरोसा जताया है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार किसी भी बड़े आईपीओ के पहले इस तरह की हिस्सेदारी बिक्री निवेश करने वाले लोगों के विश्वास को मजबूत करने और बाजार में पॉजिटिव माल बनाने में मदद करती है।
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अब IPO का पैसा कंपनी को नहीं, शेयरधारकों को मिलेगा
SBI Funds IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है। इसका मतलब है कि आईपीओ से मिलने वाली राशि कंपनी के विस्तार या फिर नए निवेश करने वाले लोगों में नहीं जाएगी बल्कि मौजूदा शेरधारक का मुख्य रूप से एसबीआई और उसके साझेदारी कंपनी अमूंदी को प्राप्त होगी। कंपनी के ऑफिशियल जानकारी के अनुसार इस आईपीओ के जरिए केवल हिस्सेदारी कहीं हस्तांतरण हो पाएगा और कंपनी के बैलेंस शीट में कोई नई पूंजी नहीं आएगी।
अब होगी Mutual Fund उद्योग में मजबूत स्थिति
SBI Funds मैनेजमेंट देश की सबसे बड़ी कंपनियों में से शामिल है पिछले कुछ सालों में भारत में म्युचुअल फंड निवेशक की संख्या और परिसंपत्ति में वृद्धि हुई है। ऐसे में एसबीआई फंड आईपीओ को इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण सार्वजनिक निगम में से एक माना जा सकता है। विश्लेषकों के मुताबिक मजबूत ब्रांड व्यापक वितरण नेटवर्क और एसबीआई की बैंकिंग पहुंच ही कंपनी की प्रमुख ताकतहै।
अब निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं?
बाजार विशेषण गेहूं के अनुसार परी आईपीओ प्लेसमेंट में ऊपरी डैम का लेवल निवेश करने वाले लोगों की हिस्सेदारी पर पॉजिटिव संकेत देता है। हालांकि आईपीओ के बाद शेर का प्रदर्शन बाजार की स्थिति निवेश करने वाले लोगों की मांग और कंपनी के प्रदर्शन पर ही निर्भर करता है। यह भी ध्यान देने योग्य बात है कि ऑफर फॉर सेल आधारित आईपीओ में कंपनी को कोई नई पूंजी नहीं मिलती है इसलिए निवेश करने वाले लोगों को केवल इस आधार पर भविष्य की वृद्धि का अनुमान नहीं लगाना चाहिए।
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क्या होगा आगे का आउटलुक
SBI Funds IPO भारत के पूंजी बाजार के प्रमुख निगमन में से एक है। अगर आईपीओ को मजबूत इंस्टीट्यूशन खुदरा मांग मिल जाती है तो ऐसे asset मैनेजमेंट सेक्टर के लिए पॉजिटिव संकेतहोंगे। हालांकि बाजार विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे अंतिम निवेश का फैसला पहले प्रोस्पेक्ट वित्तीय आंकड़े और निवेश के लॉस के कारण के बारे में पता करने के बाद ही करें यह किसी तरह की निवेश सलाह नहीं है केवल जानकारीहै।

