Saurabh Dwivedi Love Story : स्वरचित न्यूज़ प्लेटफार्म से टेकऑफ़ के बाद सोशल मिडिया पर सौरभ की लव-स्टोरी का शोर-मशहूर पत्रकार और मीडिया की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुके सौरभ द्विवेदी इन दिनों सोशल मीडिया पर खासा चर्चा में हैं। लल्लनटॉप से अलग होने के बाद जहां एक ओर उनकी प्रोफेशनल लाइफ को लेकर अटकलें तेज हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी पर्सनल लाइफ और लव स्टोरी भी लोगों की दिलचस्पी का विषय बनी हुई है। सौरभ द्विवेदी और उनकी पत्नी गुंजन की प्रेम कहानी न सिर्फ प्रेरणादायक है, बल्कि यह दिखाती है कि जब प्यार सच्चा हो, तो समाज और जाति की दीवारें भी टूट जाती हैं। सौरभ द्विवेदी की लव स्टोरी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। जानिए कैसे कॉलेज की दोस्ती प्यार में बदली, जाति की दीवार टूटी और पत्नी गुंजन बनीं उनका सबसे बड़ा सपोर्ट सिस्टम।
कॉलेज से शुरू हुई दोस्ती, जो बन गई ज़िंदगी का रिश्ता
सौरभ द्विवेदी ने अभिनेत्री गिरिजा ओक के साथ एक लंबे इंटरव्यू में अपनी लव स्टोरी को खुलकर साझा किया था। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी गुंजन उनके साथ दिल्ली के भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) में पढ़ती थीं। दोनों एक ही बैच में थे, जहां पहले दोस्ती हुई और फिर धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई। पढ़ाई, विचार और पत्रकारिता के प्रति समान झुकाव ने दोनों को और करीब ला दिया। ‘टू स्टेट्स’ जैसी कहानी जब जाति और संस्कृति बनीं चुनौती लेकिन इस चुनौती का,दोनों ने जमकर मुकाबला किया अंततः प्रेम की जीत हुई और अब दोनों जीवनसाथी हैं।
सौरभ द्विवेदी की लव स्टोरी कहीं फिल्म “टू स्टेट्स Tow-2″तो नहीं
गुंजन हरियाणा के रोहतक से हैं और जाट समुदाय से ताल्लुक रखती हैं, जबकि सौरभ का परिवार बुंदेलखंड क्षेत्र से आता है। अलग-अलग जाति और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि होने की वजह से शुरुआत में दोनों परिवारों को यह रिश्ता स्वीकार करने में कठिनाई हुई। खुद सौरभ ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि परिवार को मनाना आसान नहीं था, लेकिन समय, समझदारी और आपसी सम्मान ने हालात बदल दिए और आज सबकुछ बिल्कुल सामान्य है।
जब परिवार के बड़ों का मिला आशीर्वाद तो 2010 में रचाया ब्याह
कई उतार-चढ़ाव के बाद आखिरकार 2010 में सौरभ और गुंजन ने परिवार की सहमति से शादी कर ली।खास बात यह है कि दोनों ने जेएनयू (JNU) से भी पढ़ाई की है, जिसने उनके वैचारिक जुड़ाव को और मजबूत बनाया। शुरुआती संघर्षों के बावजूद उनका रिश्ता समय के साथ और गहराता चला गया जो कहीं न कहीं बड़े बुज़ुर्गों के आशीर्वाद और उनके धैर्य व समझदारी का परिणाम हैं।

बैटरहाफ ही नहीं,बेस्टसेपोर्ट सिस्टम और क्रिटिक्स भी हैं सौरभ के लिए गुंजन
सौरभ द्विवेदी कई बार सार्वजनिक मंचों और इंटरव्यू में कह चुके हैं कि उनकी पत्नी गुंजन ही उनका सबसे बड़ा सपोर्ट सिस्टम हैं। उनके मुताबिक, गुंजन सिर्फ जीवनसाथी नहीं बल्कि उनकी सबसे अच्छी दोस्त, मार्गदर्शक और सच्ची आलोचक भी हैं। गुंजन ने करियर की शुरुआत पत्रकारिता से की थी। बाद में उन्होंने जेएनयू से एमए और एमफिल किया और फिलहाल वह कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन के क्षेत्र में काम कर रही हैं इस तरह एक ही पेशे में होना दोनों के रिश्तों की प्रगाढ़ता और मज़बूती का प्रमाण भी है।
अगली पारी कब और कहां शुरू करेंगें सौरभ
सोशल मिडिया पर यह भी चर्चा ज़ोरों से चल रही है की अपने बनाए मज़बूत स्तम्भ को छोड़ने के बाद अब सौरभ अपने क्या काम शुरू करेंगे क्योंकि लल्लनटॉप से अलग होने के बाद सौरभ द्विवेदी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। इंस्टाग्राम पर उनकी तस्वीरें और पोस्ट लगातार चर्चा में रहती हैं। मीडिया गलियारों में यह भी चर्चा है कि सौरभ जल्द ही फिल्मी दुनिया में स्क्रिप्ट राइटर या डायलॉग राइटर के तौर पर नई पारी शुरू कर सकते हैं, हालांकि इस पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

निष्कर्ष (Conclusion)-सौरभ द्विवेदी और गुंजन की लव स्टोरी सिर्फ एक सेलिब्रिटी प्रेम कहानी नहीं, बल्कि यह समाज को एक सकारात्मक संदेश देती है। कॉलेज की दोस्ती से शुरू होकर जाति और सामाजिक बंदिशों को पार कर शादी तक पहुंची यह कहानी साबित करती है कि प्यार, समझ और सम्मान के आगे हर दीवार छोटी पड़ जाती है। आज सौरभ और गुंजन एक-दूसरे के लिए ताकत बने हुए हैं और यह मज़बूती निजी जीवन में भी और प्रोफेशनल सफर में भी कायम है।
