Sattu peene ka tarika: गर्मी के मौसम में सत्तू को सबसे लोकप्रिय और पौष्टिक पीने का पदार्थ बन जाता है लेकिन कई लोगों से गलत तरीके से खा लेते हैं या फिर पीते हैं। जिससे इसके फायदे मिलने की जगह आपको पाचन से जुड़ी समस्या हो जाती है हाल ही में न्यूट्रिशन एक्सपर्ट डॉक्टर ने बताया कि सत्तू का सही तरीके से सेवन कैसे किया जा सकता है ताकि आपके शरीर को ज्यादा से ज्यादा पोषण मिल सके।
Sattu को पानी में घोलकर पीना सबसे बेहतर है
डॉक्टर के अनुसार सत्तू को सीधे, सूखे तरीके से खाने की जगह पानी में घोलकर पीना ज्यादा फायदेमंद होता है। इसे ठंडे पानी में अच्छी तरह मिलाकर नमक भुना हुआ जीरा और नींबू के साथ आप पी सकते हैं। इससे यह एक हेल्थी ड्रिंक बन जाता है इस तरीके से सत्तू पीने पर शरीर को जल्दी से ताकत मिलती है और आपका पाचन भी आसान होता है।
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सुबह या दोपहर में इसको लेना होता है ज्यादा लाभकारी
अगर आप सत्तू को सुबह के समय नाश्ते के समय या फिर दोपहर के समय खाते पीते हैं तो यह बेहतर ऑप्शन होता है। इस समय शरीर को ज्यादा ताकत की जरूरत होती है और सत्तू उसमें आपको मदद करता है। इसके अलावा सत्तू में मौजूद प्रोटीन और फाइबर लंबे समय तक पेट को भरा रखने में भी मदद कर सकते हैं जिससे आपको बार-बार भूख लगने की दिक्कत कम हो जाती है।
सही मात्रा का ध्यान रखना होता है जरूरी
सत्तू पौष्टिक पदार्थ है लेकिन इसकी मात्रा का भी ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है डॉक्टर बताते हैं कि सामान्य तौर पर एक बार में दो से तीन चम्मच सत्तू ही खाना पर्याप्त होता है। जरूर से ज्यादा सत्तू खाने से कुछ लोगों को गैस पेट फूलना और भारीपन सा महसूस होने लगता है। इसलिए संतुलित मात्रा में ही सत्तू को खाएं।
पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी
जैसा कि आपको पता है सब तो मैं फाइबर की मात्रा अच्छी होती है जो पाचन के लिए फायदेमंद है। लेकिन अगर इसके साथ पर्याप्त पानी नहीं पिया जाए तो यह कुछ लोगों को कब्ज या पाचन संबंधित दिक्कत दे देती है। डॉ सलाह देते हैं कि सत्तू का सेवन करते समय शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी होता है।
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किन लोगों को इससे सावधानी बरतनी चाहिए
डॉक्टर के द्वारा दी जाने वाली जानकारी के अनुसार कुछ लोगों को सत्तू का सेवन बिलकुल ही सीमित तरीके से करनाचाहिए। जिन लोगों को चेन्नई से एलर्जी है गंभीर पाचन की दिक्कत है या फिर किडनी से जुड़ी कोई बीमारी है तो उन्हें डॉक्टर की सलाह लेकर ही सत्तू खाना चाहिए। इसके अलावा पहली बार सत्तू खाने वाले लोगों को कम मात्रा में ही सत्तू खाते हुए शुरुआत करना चाहिए।

