सतना। स्वास्थ विभाग की एक बड़ी लापरवाही एमपी के सतना जिला अस्पताल से सामने आ रही है। जहा जिला अस्पताल में थैलेसीमिया से पीड़ित 4 बच्चों को एचआईवी पॉजिटिव ब्लड चढ़ा दिया गया। इस मामले का जब खुलासा हुआ तो हड़कम्प मच गया।
8 से 11 साल आयु के है बच्चे
जो जानकारी आ रही है उसके तहत जिन 4 बच्चो को एचआईवी दूषित ब्लड चढ़ाया गया है। उनकी आयु 8 से 11 साल के बीच है, दरअसल थैलेसीमिया से पीड़ित इन बच्चों को नियमित रूप से ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत पड़ती है। आईसीटीसी में कराई गई जांच में यह सामने आया कि पहले सभी बच्चे एचआईवी नेगेटिव थे, लेकिन बाद की जांच में उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
डोनर की तलाश में जुटा स्वास्थ अमला
थैलेसीमिया से पीड़ित 4 बच्चों को चढ़ाए गए ब्लड के डोनर की तलाश करने के लिए सतना स्वास्थ विभाग एवं ब्लड-बैंक की टीम जुट गई है। ब्लड बैंक के अधिकारियों का कहना है कि इन बच्चों को केवल जिला अस्पताल से ही नहीं, बल्कि बिरला अस्पताल (रीवा) और मध्यप्रदेश के अन्य जिलों से भी ब्लड उपलब्ध कराया गया था। ऐसे में सभी संबंधित ब्लड डोनरों की पहचान कर जांच की जा रही है। बच्चों के माता-पिता की भी जांच कराई गई है और वे एचआईवी नेगेटिव पाए गए हैं।
स्वास्थ मंत्री ने दिए जांच के निर्देश
सतना के जिला अस्पताल से ब्लड चढ़ाए जाने में की गई लापरवाही का मामला सामने आते ही प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जांच के निर्देश दिए हैं, तथा जांच रिपोर्ट तलब करने की बात कही है। साथ ही उन्होने कहा कि इस बात की भी जांच कराई जा रही है कि बच्चों को सरकारी अस्पताल के अलावा और कहीं ब्लड ट्रांसफ्यूजन तो नहीं किया गया है।
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