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SATCON 2026: दिल्ली में शाकाहारी प्रमाणीकरण पर वैश्विक सम्मेलन संपन्न

Official SATCON 2026 banner for Conclave, Consciousness, Connect held at Le Meridien New Delhi on 19th January 2026.

SATCON 2026 Global Vegetarian Certification Conclave Banner

राजधानी दिल्ली में आयोजित दुनिया के पहले शाकाहारी प्रमाणीकरण सम्मेलन, SATCON 2026 का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। ले मेरिडियन होटल में आयोजित इस एक दिवसीय कार्यक्रम ने भारत के खाद्य और सर्टिफिकेशन इकोसिस्टम में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। इस कॉन्क्लेव ने वैश्विक स्तर पर शाकाहारी और सात्विक भोजन की बढ़ती मांग और इसकी प्रमाणिकता पर गहन चर्चा की।

नई दिल्ली में संपन्न हुआ SATCON 2026 महज एक बैठक नहीं, बल्कि वैश्विक खाद्य प्रणाली में शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सात्विक सर्टिफिकेशंस द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में एफएमसीजी (FMCG) कंपनियों, लग्जरी होटल चेन और सरकारी नीति निर्माताओं सहित 250 से अधिक प्रतिभागियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

वैश्विक भागीदारी और मुख्य विषय

इस सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी अंतरराष्ट्रीय पहुंच रही। भारत के अलावा सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर और दक्षिण कोरिया के डेलीगेट्स ने इसमें हिस्सा लिया। सात देशों की यह भागीदारी दर्शाती है कि ‘वेरिफाइड’ शाकाहारी भोजन अब केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि एक वैश्विक जरूरत बन चुका है।

कार्यक्रम की रूपरेखा तीन प्रमुख स्तंभों— चेतना (Consciousness), जुड़ाव (Connect) और सहयोग (Collaboration)— पर टिकी थी। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे सात्विक मानकों के माध्यम से उपभोक्ताओं का भरोसा जीता जा सकता है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाद्य सुरक्षा के कड़े मानकों को लागू किया जा सकता है।

नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों का नजरिया

सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार और केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल शामिल हुए। मंत्रियों ने इस बात पर बल दिया कि खाद्य सुरक्षा कानूनों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सर्टिफिकेशन बॉडीज और सरकार के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है। नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज ने भी भोजन में जवाबदेही और पारदर्शिता को आज के समय की मांग बताया।

सात्विक सर्टिफिकेशंस के चेयरमैन वागीश पाठक के अनुसार, शाकाहारी प्रमाणीकरण अब एक ‘निश’ मार्केट नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के कारण अब लोग प्रमाणित शुद्धता की मांग कर रहे हैं। वहीं, संस्थापक अभिषेक विश्वास ने स्पष्ट किया कि यह कॉन्क्लेव भविष्य में ‘प्योरिटी’ और ‘सेफ्टी’ के लिए ठोस समाधान खोजने का एक सशक्त मंच साबित होगा।

उद्योग जगत का समर्थन

बीकानेरवाला, गोल्डी मसाले और ब्लू ट्राइब फूड्स जैसे बड़े ब्रांड्स ने इस आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई। उद्योग जगत के नेताओं ने माना कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय खाद्य उत्पादों की स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए सात्विक जैसे विश्वसनीय सर्टिफिकेशन की अहमियत काफी बढ़ गई है। चर्चा के दौरान यह बात भी निकलकर आई कि लग्जरी हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में शाकाहारी विकल्पों का विस्तार न केवल नैतिक है, बल्कि व्यावसायिक रूप से भी फायदेमंद है।

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