Sanjay Singh on Raghav Chaddha : जेल से छूटने के बाद भी अरविंद केजरीवाल की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। पहले ईडी पीछे पड़ी थी और अब पार्टी के बागी नेताओं ने राज्यसभा में बैठने रास्ते पर रोड़ा खड़ा कर दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के ऐलान के बाद से ही पंजाब की राजनीति में सियासी घमासान लगातार बढ़ता जा रहा है। इनमें राघव चड्ढा, अशोक पाठक और विक्रमजीत सिंह साहनी ने भाजपा ज्वाइन भी कर ली है। जबकि अन्य तीन सांसदों में स्वाति मालिवाल, राजेंद्र गुप्ता और हरभजन सिंह कभी भी भाजपा में शामिल हो सते हैं। इस पूरे विवाद पर AAP के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए बागी सांसदों को कड़ी फटकार लगाई है और कड़ा संदेश भी दिया है।
पहले इस्तीफा दो, फिर जहां जाईए – संजय सिंह
आप के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जिन सांसदों को पार्टी से मतभेद है, उन्हें पहले अपनी सदस्यता से इस्तीफा देना चाहिए और उसके बाद वे किसी भी पार्टी में जा सकते हैं। लेकिन किसी दल में जाने से पहले पार्टी से इस्तीफा दे दें। उन्होंने कहा कि जनादेश किसी दल के नाम पर मिलता है और उसे बदलना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
सभी की सदस्यता खत्म हो – संजय सिंह
आप नेता संजय सिंह ने दावा किया कि कई संवैधानिक विशेषज्ञों की राय के अनुसार पार्टी छोड़ने वाले सभी सात सांसदों की राज्यसभा सदस्यता खत्म हो सकती है। उन्होंने बताया कि इस मामले में उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल सहित कई विशेषज्ञों की राय ली है। उन्होंने कहा कि AAP की ओर से उपराष्ट्रपति और राज्यसभा सभापति को एक याचिका भेजी गई है, जिसमें इन सांसदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग की गई है। उन्होंने अपील की कि इस पर जल्द से जल्द फैसला लिया जाए।
बागियों ने पंजाब के लोगों को भी धोखा दिया- संजय सिंह
आप सांसद संजय सिंह ने राघव चड्डा समेत सभी बागी सांसदों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इ लोगों ने पार्टी के साथ धोखा किया है। इसके साथ ही पंजाब की जनता के साथ भी विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने AAP के टिकट पर चुनाव जीतकर संसद पहुंचे, अब वही दूसरी पार्टी में शामिल हो रहे हैं, जो जनता के विश्वास का उल्लंघन है।
राघव चड्ढा समेत आप के 10 में से 7 सांसदों ने छोड़ी पार्टी
गौरतलब है कि इस पूरे मामले की शुरुआत उस समय तेज हुई जब राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने ऐलान किया कि AAP के 10 में से 7 सांसद बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यह “दो-तिहाई संख्या” के आधार पर पार्टी परिवर्तन का मामला है, जिसे संविधान के तहत वैध माना जा सकता है। राघव चड्ढा ने यह भी बताया कि उन्होंने इस संबंध में राज्यसभा सभापति को पत्र सौंप दिया है और आवश्यक दस्तावेज जमा किए जा रहे हैं।

