मऊगंज। मध्य प्रदेश के नवनिर्मित जिले मऊगंज के सिविल अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहाँ अस्पताल की एक महिला सफाईकर्मी द्वारा मरीजों को सुई (इंजेक्शन) लगाने और ड्रिप (बोतल) चढ़ाने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ओपीडी के जनरल वार्ड में सफाईकर्मी कर रही थी इलाज, वीडियो वायरल
वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अस्पताल की महिला सफाईकर्मी नेहा शर्मा ओपीडी के जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों का बकायदा एक पेशेवर स्वास्थ्य कर्मी की तरह इलाज कर रही है। स्थानीय निवासियों और अस्पताल आने वाले मरीजों के परिजनों का आरोप है कि यह कोई पहली बार नहीं है; वह अक्सर डॉक्टरों और नर्सों की मौजूदगी में भी अस्पताल के भीतर बेखौफ होकर यह काम करती है। अस्पताल में पर्याप्त और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ तैनात होने के बावजूद एक गैर-अधिकृत सफाई कर्मचारी द्वारा मरीजों की जान के साथ इस तरह का खिलवाड़ किए जाने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
कलेक्टर ने लिया संज्ञान, बीएमओ को दिए तत्काल जांच के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए मऊगंज कलेक्टर संजय कुमार जैन ने इसे प्रशासनिक और चिकित्सीय लापरवाही का बड़ा मामला माना है। कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) द्वारा अब इस बात का पता लगाया जा रहा है कि आखिर ड्यूटी पर तैनात किस डॉक्टर या नर्सिंग स्टाफ के निर्देश पर यह महिला सफाईकर्मी मरीजों का इलाज कर रही थी। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट सामने आते ही इस घोर लापरवाही के लिए जिम्मेदार डॉक्टरों और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

