Actor Mohnish Bahl :मोहनीश बहल आज एक जाने -माने एक्टर हैं अपनी उम्दा अदाकारी के ज़रिये उन्होंनें सुपरस्टार सलमान ख़ान से एक तरफ जहाँ खून का प्यासा बनकर दुश्मनी निभाई तो दूसरी तरफ संस्कारी बड़े भैया बनकर प्यार भी बरसाया और उनके इस दमदार अभिनय ने लोगों का दिल जीत लिया पर क्या आपको पता है मोहनीश को एक्टिंग में कुछ ख़ास दिलचस्पी नहीं थी उनका अभिनय से नाता उनकी माँ अभिनेत्री नूतन की वजह से जुड़ा और फिर उन्होंनें फिल्मों में ही नहीं बल्कि छोटे पर्दे पर भी कई मुख़्तलिफ़ किरदार निभाए और अभिनय में अपना लोहा मनवाया।
राज खोसला ने किया एक्टिंग के लिए प्रेरित :-
मोहनीश के एक्टर बनने के पीछे का क़िस्सा कुछ ऐसा था कि सन 1976 में डायरेक्टर राज खोसला ‘मैं तुलसी तेरे आंगन की’ नाम की फिल्म बना रहे थे जिसकी हीरोइन थीं अपने बेमिसाल अभिनय के लिए जानी जाने वाली अभिनेत्री नूतन जो शूटिंग के बाद राज साहब को कुछ पन्द्रह बरस के अपने बेटे मोहनीश के साथ दिखीं और राज के पूछने पर नूतन ने हल्का फुल्का परिचय करा दिया लेकिन राज साहब की नज़र मोहनीश पर तक टिकी जब तीन- चार साल बाद राज फिर एक फिल्म लेकर नूतन से मिलने उनके घर पहुँचे और वहाँ उन्होंने मोहनीश को देखा ,वो इसलिए कि अब मोहनीश खूबसूरत नौ जवान हो चुके थे और उनका डील डौल भी बहोत आकर्षक हो गया था फिर क्या था उन्होंनें झट से एक फिल्म उन्हें दे दी पर मोहनीश को तो एक्टिंग कुछ ख़ास पसंद नहीं थी इसी वजह से वो न नुकर करने लगे लेकिन राज साहब ने उन्हें मना लिया और इस तरह मोहनीश ने एक्टिंग की दुनिया में क़दम रखा हालाँकि राज की ये फिल्म ‘इतिहास’ 1987 में रिलीज़ हुई जिसमें राज कुमार, शबाना आज़मी, रति अग्निहोत्री और अनिल कपूर जैसे बड़े आर्टिस्ट थे और इसके पहले मोहनीश की अदाकारी से सजी ‘बेक़रार’ जैसी फिल्में रिलीज़ हो गईं जिसमें उन्होंनें ऐज़ ए सपोर्टिंग एक्टर काम किया था।
कश्मकश में बीते शुरूआती दिन :-
मोहनीश की दिलचस्पी एक्टिंग में इसलिए भी नहीं थी क्योंकि उनके पापा रजनीश बहल नेवी में लेफ्टिनेंट कमांडर थे और उन्हीं के नक़्श ए क़दम पर चलते हुए मोहनीश एयरफोर्स पायलट बनना चाहते थे लेकिन जब क़िस्मत उन्हें अभिनय की दुनिया में ले आई तो यहाँ माँ का रुतबा भी इतना था कि उन्हें डर था कि कहीं वो उनकी नाक न कटवा दें क्योंकि माँ ने भी उन्हें इस बात की हिदायत भी दी थी इसके बावजूद उन्होंनें शुरुआत में क़रीब पाँच फ्लॉप फिल्में दीं और उन्हें लगा कि उनका डर सही साबित हुआ है वो माँ की नाक नहीं बचा पाए।
पहली फिल्म देखने के बाद नूतन ने सिखाए कुछ गुण :-
जब नूतन ने पहली बार फिल्म ‘इतिहास’ में मोहनीश की एक्टिंग देखी तो वो थोड़ा मायूस हुईं और अपने बेटे को कुछ एक्टिंग टिप्स सिखाते हुए बोलीं कि शब्दों के हिसाब से मुंह खोला करो, शब्दों का उच्चारण सही रखो और अंग्रेज़ी टोन हिंदी में मत आने दो और तब से मोहनीश ने उनकी बात गाँठ बांध ली थी और बाद की फिल्मों में आप ये बखूबी देख सकते हैं कि उन्होंने अपनी एक्टिंग में कैसे अपने लहजे का ताल मेल बैठाया है।
सलमान ख़ान के ज़िंदगी में आते ही चमकी क़िस्मत :-
1982 से 86 के बीच आईं उनकी 6 फिल्मों में सिर्फ ‘पुराना मंदिर’ सफल रही लेकिन हॉरर फिल्म की केटेगरी में बी-ग्रेड माना गया और उनके काम को अनदेखा कर दिया गया और मोहनीश मायूस होकर अपने शौक की तरफ मुड़ गए जो था बॉडी- बिल्डिंग और प्लेन उड़ाने का पर यही वो वक़्त था जब उनकी मुलाक़ात बॉडी बनाने आए सलमान ख़ान से हुई जो मोहनीश के मुक़ाबले काफ़ी दुबले पतले थे इस वजह से मोहनीश उनको कमज़ोर समझते थे और ये कहकर मज़ाक़ भी उड़ाया करते थे कि ‘जब मैं 6 फीट की हाइट और इतनी अच्छी बॉडी के बाद इस इंडस्ट्री में नहीं चल पा रहा हूँ , तो तू क्या चलेगा। ‘
सलमान ख़ान ने दिलवाया दमदार रोल :-
पर इसी बीच सलमान खान को सूरज बड़जात्या की फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ में लीड रोल मिल गया और उन्होंनें मोहनीश से पूछा कि अगर वो विलन का रोल निभा सकते हैं तो वो इस फिल्म में उन्हें दिलवा सकते हैं मोहनीश तो बिना हिचकिचाए मान गए ,ऑडिशन भी पास कर लिया लेकिन जब ताराचंद बड़जात्या को पता चला कि मोहनीश, नूतन के बेटे हैं तो वो ये सोचकर पसोपेश में पड़ गए कि इतनी बड़ी एक्ट्रेस का बेटा विलेन कैसे बनेगा और मोहनीश की कास्टिंग के लिए हाँ नहीं कर पा रहे थे तब उनसे नूतन ने खुद ये बात की कि अगर मोहनीश विलेन का किरदार निभाने के लायक़ है तो वो उसे उसकी कला को निखारने दें, वो पहले कलाकार है फिर मेरा बेटा है।
तब ताराचंद जी ने मोहनीश को ये रोल भी दिया और नूतन से ये वादा भी किया कि वही एक दिन मोहनीश को एक पॉज़िटिव और लीड रोल में कास्ट करेंगे दूसरी तरफ 1989 को ‘मैंने प्यार किया’ फिल्म ने रिलीज़ होने के बाद सुपर डुपर हिट होकर हिंदी सिनेमा में इतिहास रच दिया और मोहनीश फ्लॉप हीरो से फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर विलन बन कर उभरे अब हर कोई उन्हें अपनी फिल्म में खलनायक बनाने को बेताब था।
‘मैंने प्यार किया’ के बाद मोहनीश को ए-ग्रेड फिल्मों के ऑफर मिलने लगे और उन्होंनें सबसे पहले सलमान के ही साथ ‘बाग़ी’, की फिर ऋषि कपूर के साथ ‘हिना’ और ‘बोल राधा बोल’ की फिर शाहरुख ख़ान की पहली फिल्म ‘दीवाना’ में भी नेगेटिव रोल निभाया पर जब कामियाबी ने मोहनीश के क़दम चूमे तो माँ बीमार पड़ गईं पता चला कि नूतन को ब्रेस्ट कैंसर हो गया है उनका इलाज चला मगर एक साल के अंदर उनका कैंसर लीवर तक पहुँच गया और 1991 में मोहनीश जब फिल्म ‘शोला और शबनम’ की शूटिंग कर रहे थे तब नूतन गुज़र गईं।
ताराचंद बड़जात्या ने निभाया वादा :-
माँ के जाने का ग़म उनके लिए बहोत बड़ा था ही कि 2004 को बिल्डिंग में आग लग जाने से पिता की भी मौत हो गई मोहनीश एकदम टूट चुके थे तभी प्रोड्यूसर ताराचंद बड़जात्या ने नूतन से किया वादा निभाया और 1994 में आई ‘हम आपके हैं कौन’ में मोहनीश को पॉज़िटिव रोल में फिर सलमान ख़ान के साथ ही उतारा इसमें वो चहीते बड़े भाई बने और उनका ये किरदार सबको इतना भाया कि वो एक बार फिर राजश्री प्रोडक्शन की बैनर तले बनीं फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ में सलमान ख़ान के साथ नज़र आए और उन पर सौम्य स्वभाव वाले बड़े संस्कारी भाई का टैग भी लग गया।
इसके बाद मोहनीश अपनी अदाकारी का लोहा मनवाते रहे और एक के बाद एक फिल्में करते रहे जिनमें कुछ ख़ास थीं , ‘जानवर’, ‘कहो ना प्यार है’, ‘LOC कारगिल’ और ‘विवाह’ , फिल्मों के अलावा मोहनीश ने टीवी शोज़ के ज़रिये भी सबका दिल जीता और घर -घर में जगह बनाई जिनमें थे ‘संजीवनी’,’दिल मिल गए’और ‘आरज़ू है तू’ इसके बाद कुछ सालों से फिल्मों से दूर हैं पर टीवी सीरियल्स से जुड़े हैं। साल 2003 में उन्हें संजीवनी के लिए बेस्ट एक्टर इंडियन टेलीविजन एकाडमी अवॉर्ड मिला तो वहीं सीरियल देवी में नकारात्मक किरदार निभाने के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर इन ए निगेटिव रोल का इंडियन टेली अवॉर्ड दिया गया था।
वापसी भी की सलमान ख़ान की फिल्म से :-
मोहनीश ने 2014 में सलमान ख़ान अभिनीत फिल्म ‘जय हो’ से ही वापसी की फिर 2019 में आशुतोष गोवारीकर की फिल्म ‘पानीपत’ में भी दिखाई दिए। आपको ये भी बता दें कि मोहनीश बहेल ने 1992 में उन्होंने एक्ट्रेस एकता सोहिनी से शादी की है और आपकी दो बेटियाँ हैं प्रनूतन और तृषा जिनमें प्रनूतन ने भी सलमान ख़ान का हाँथ थामते हुए उनके प्रोडक्शन हाउस में बनी फिल्म ‘नोटबुक’ से बॉलीवुड में क़दम रखा है।
