बिलासपुर। भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर की पत्नी डॉ.अंजली तेंदुलकर, बेटी सारा तेंदुलकर और बहू सानिया चांडोक अचानक से छत्तीसगढ़ के आदिवासी गांवों में पहुची और वहां के रहन-सहन में पूरी तरह घुल मिल गयी। उनकी यह सादगी देख हर कोई दंग रह गया। खास बात यह रही है कि दिग्गज खिलाड़ी व भारत रत्न का परिवार बेहद गुपचुप तरीके से गांव की सैर पर पहुचा और वहां के लोगो से उनके जीवन के सभी पहलुओं पर चर्चा करके स्थित से रूबरू हुआ।
गांवों को देखने में रही उनकी रूचि
दरअसल तेंदुलकर का परिवार होटल से लेकर आदिवासी गांवों और स्वास्थ्य केंद्रों तक, महज ग्रामीण अंचल की जमीनी हकीकत को समझने की कोशिश की। गांव का यह दौरा उनका बिल्कुल गोपनीय रहा। तेंदुलकर यह परिवार मंगला स्थित कोर्टयार्ड मैरियट होटल में ठहरा था और यहां से लोरमी स्थित अचानकमार क्षेत्र के छपरवा-बम्हनी गांव पहुंचा, जहां उन्होंने पैदल भ्रमण कर ग्रामीणों के बीच कुछ समय तक रहा।
नवजात बच्चे को गोद में लेकर प्रसन्न नजर आई सारा और सानिया
गांव के परिवेश में क्रकेटर का परिवार अपने आप का पूरी तरह से रखे हुए नजर आया तो वही नवजात बच्चे को गोद में लेकर सारा और सानिया बेहद प्रसन्न नजर आई। गांव में बच्चों के साथ खेलना, नवजात को गोद में लेना और स्थानीय लोगों से सहज संवाद इस दौरे की खास झलक रही। परिवार ने ग्रामीण जीवनशैली, जरूरतों और समस्याओं को करीब से समझने की कोशिश की।

अस्पताल पहुचा परिवार
ग्रामीण क्षेत्र का भ्रमण कर रहा तेदुंलकर का परिवार स्वास्थ केन्द्र में पहुचा। वे डॉक्टरों और स्टाफ से चर्चा कर उपलब्ध सुविधाओं और चुनौतियों की जानकारी ली। इस दौरान सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के तहत चल रहे कार्यों का निरीक्षण भी किया गया। फुलवारी केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्र में बच्चों के पोषण, शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था को करीब से समझने का प्रयास किया है।
सोशल र्मीडया में वायरल हुई तस्वीरें
तेदुंलकर के परिवार का ग्रामीणों के बीच रहने की तस्वीरे अब सोशल मीडिया एवं इंटरनेट पर तेजी के साथ वायरल हो रही है और उनके इस सादगी को लेकर लोग प्रशंसा करके कमेंट भी डाल रहे है। ज्ञात हो कि सचिन तेदुलकर के बेटे की शादी हाल ही में सानिया चंडोक के साथ हुई है।
मुख्य बातें:
- ग्रामीण परिवेश में घुलना-मिलना: तेंदुलकर परिवार ने लोरमी के पास बम्हनी के ग्रामीण निवासियों के बीच सादगीपूर्ण समय बिताया, बच्चों के साथ बातचीत की और वनांचल की जीवनशैली को जाना।
- गोपनीय दौरा: यह दौरा काफी गोपनीय था, जिसमें वे स्थानीय निवासियों के साथ मिल-जुलकर उनके रहन-सहन को समझा।
- शिक्षा-पोषण पर चर्चा: ‘मुंगेली आज’ की रिपोर्ट के अनुसार, सारा तेंदुलकर ने स्थानीय बच्चों के पोषण और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया।
- स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण: गनियारी के जन स्वास्थ्य केंद्र (Welfare center) का दौरा कर वहां की स्वास्थ्य सुविधाओं और चुनौतियों का जायजा लिया।
