रूस में विदेशी Crypto Exchanges पर संभावित प्रतिबंध की तैयारी तेज हो गई है रिपोर्ट के अनुसार या कम 2026 की गर्मियों तक लागू किया जा सकता है। यह प्रस्ताव रूस सरकार और कुछ संस्थाओं से जुड़ा हुआ है इसका मुख्य कारण घरेलू क्रिप्टो ढांचे को मजबूत करना और विदेशी प्लेटफार्म पर इसकी निर्भरता को कम करना बताया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला
CCN की रिपोर्ट के अनुसार, Russia सरकार विदेशी Crypto Exchanges की पहुंच को सीमित या ब्लॉक करने की योजना बना रही है। ये कदम उस समय में उठाया जा रहा था जब देश अपने घरेलू क्रिप्टो नियमों को अंतिम रूप देने के करीब में था। जानकारी के अनुसार नया नियामक भाषा जुलाई 2026 तक लागू हो सकता है। ऑफिशियल बिहार में बताया गया है कि विदेशी प्लेटफार्म से बड़ी मात्रा में ट्रेडिंग होने से घरेलू बाजार को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहे हैं।
ये भी पढ़े : Netweb Technologies ने NVIDIA संग AI Supercomputing लॉन्च
क्यों निशाने पर हैं विदेशी Crypto Exchanges
जानकारी के अनुसार रूस के उपयोगकर्ता बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टो एक्सचेंज का उपयोग करते हैं इससे ट्रेडिंग फीस और डाटा विदेशी कंपनियों के पास चला जाता है। सरकार का ऐसा मानना है कि यदि ट्रेडिंग घरेलू प्लेटफार्म पर शिफ्ट होती है तो रेवेन्यू और निगरानी दोनों मजबूत हो जाएंगे। सोशल मीडिया की पोस्ट की जानकारी के अनुसार नीति निर्माता का यह तर्क है कि राष्ट्रीय वित्तीय सुरक्षा के लिहाज से या कम जरूरी हो सकता था हालांकि यह स्पष्ट बताया गया है कि यह प्रस्ताव प्रक्रिया में ही है।
संभावित तकनीकी कदम
सूत्रों के मुताबिक, विदेशी Crypto Exchanges को सीधे प्रतिबंधित करने के बजाय तकनीकी ब्लॉकिंग करने की भी उपाय अपनाए जा सकते हैं। इनमें डीएस आधारित ब्लॉकिंग और इंटरनेट ट्रैफिक मॉनिटरिंग शामिल है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि रूस पहले भी कुछ अंतरराष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसी तरह से तकनीकी उपाय लागू कर चुका है। हालांकि इस पर ध्यान विशेष रूप से क्रिप्टो सेक्टर पर ही केंद्रित किया गया है।
घरेलू बाजार और निवेशकों पर असर
विश्लेषकों का ऐसा मानना है कि यदि विदेशी Crypto Exchanges पर रोक लगती है, तो घरेलू प्लेटफॉर्म को लाभ भी मिल सकता है। इससे स्थानीय एक्सचेंजों की लिक्विडिटी और यूजर बेस भी बढ़ सकता है। दूसरी ओर कुछ विशेषज्ञ ने ऐसी आशंका जताई है की प्रबंध की स्थिति में उपयोगकर्ता ऑप्शनल मध्य जैसे VPN और p2p नेटवर्क का सहारा ले सकते हैं। हालांकि इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।
ये भी पढ़े : MCX Gold price में गिरावट का दबाव, क्या सोना और गिरेगा?
आधिकारिक बयान में क्या कहा गया
ऑफिशियल बयान में कहा गया है की अंतिम फैसला नए ढांचे के लागू होने के बाद ही लिया जाएगा। यदि संसद में प्रस्ताव पारित हो जाता है तो विदेशी क्रिप्टो एक्सचेंज के लिए लाइसेंस सिंह और पूर्ण प्रतिबंध की व्यवस्था होगी। फिलहाल सरकार ने किसी विशिष्ट एक्सचेंज का नाम पब्लिकली नहीं किया है स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टो उद्योग की नजर बनी हुई है।

