Rudraksha Mahotsav 2026: कुबेरेश्वर धाम, सीहोर में आयोजित होने वाले भव्य रुद्राक्ष महोत्सव 2026 को देखते हुए भारतीय रेलवे ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। 13 फरवरी से 22 फरवरी 2026 तक (कुल 10 दिनों के लिए) 21 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों को सीहोर रेलवे स्टेशन (SHE) पर अस्थायी ठहराव (स्टॉपेज) प्रदान किया जाएगा।
Rudraksha Mahotsav 2026: कुबेरेश्वर धाम में 14 से 20 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाले भव्य रुद्राक्ष महोत्सव को लेकर रेलवे और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। पहली बार सीहोर रेलवे स्टेशन पर 21 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों को अस्थायी ठहराव दिया गया है, जिससे देशभर से आने वाले लाखों भक्तों को सीधी रेल सुविधा उपलब्ध होगी।
रेलवे की विशेष व्यवस्था, 10 दिनों तक चलेगा ठहराव
रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान 13 फरवरी से 22 फरवरी 2026 तक कुल 10 दिनों के लिए सीहोर स्टेशन पर 21 एक्सप्रेस ट्रेनों का अस्थायी स्टॉपेज निर्धारित किया गया है। पहले यहां सीमित ट्रेनें ही रुकती थीं, लेकिन इस बार श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए रेल मंत्रालय ने यह विशेष व्यवस्था की है।हाल ही में 19489/19490 अहमदाबाद–गोरखपुर एक्सप्रेस और 19091/19092 मुंबई बांद्रा–गोरखपुर एक्सप्रेस को स्थायी ठहराव मिल चुका है। अब महोत्सव के लिए अतिरिक्त ट्रेनों का अस्थायी ठहराव मिलने से यात्रा और आसान हो गई है।
अस्थायी ठहराव वाली प्रमुख ट्रेनें
रुद्राक्ष महोत्सव 2026 के दौरान 13 फरवरी से 22 फरवरी तक सीहोर रेलवे स्टेशन पर अस्थायी ठहराव प्राप्त करने वाली प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों में शामिल हैं 12923/12924 डॉ. अंबेडकर नगर-नागपुर, 19301/19302 डॉ. अंबेडकर नगर-यशवंतपुर, 22911/22912 इंदौर-हावड़ा, 12719/12720 जयपुर-हिसार, 17019/17020 हिसार-हैदराबाद, 22909/22910 वलसाड-पुरी, 20813/20814 जोधपुर-पुरी, 15559/15560 अहमदाबाद-दरभंगा, 19413/19414 अहमदाबाद-कोलकाता, 22829/22830 भुज-शालीमार, 22673/22674 जोधपुर-मन्नारगुड़ी, 22467/22468 गांधीनगर कैपिटल-वाराणसी, 20413/20414 और 20415/20416 इंदौर-वाराणसी, 14115/14116 डॉ. अंबेडकर नगर-प्रयागराज, 19313/19314 तथा 19321/19322 इंदौर-पटना, 19305/19306 डॉ. अंबेडकर नगर-कामाख्या, 19489/19490 अहमदाबाद-गोरखपुर, 22645/22646 इंदौर-तिरुवनंतपुरम और 22191/22192 इंदौर-जबलपुर। इन 21 जोड़ी ट्रेनों के ठहराव से देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को कुबेरेश्वर धाम पहुंचने में बड़ी सुविधा मिलेगी।
पिछले अनुभव से सीख, बेहतर इंतजाम
पिछले वर्ष महोत्सव में लगभग 5 लाख श्रद्धालु ट्रेनों से पहुंचे थे, जिससे रेलवे को अच्छा राजस्व मिला, लेकिन भीड़ के कारण परेशानियां हुईं। इस बार प्लेटफॉर्म 1 और 2 पर अस्थायी टेंट लगाए जा रहे हैं, ताकि यात्रियों को धूप-बारिश से राहत मिले और अव्यवस्था न हो।
भव्य आयोजन, देश-विदेश से आएंगे भक्त
पंडित प्रदीप मिश्रा के सान्निध्य में 14 से 20 फरवरी तक चलने वाले इस महोत्सव में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचने की संभावना है। समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित ‘मामा’ के अनुसार, इस बार आयोजन पहले से कहीं अधिक भव्य होगा। कुबेरेश्वर धाम परिसर में 1 लाख 80 हजार वर्गफुट में पक्का पंडाल तैयार हो रहा है, जहां एक साथ डेढ़ लाख लोग कथा सुन सकेंगे। 10 एकड़ में विशाल भोजनशाला बनी है, जहां प्रतिदिन हजारों के लिए भंडारा होगा। श्रद्धालुओं को मात्र 5 रुपये में 1 लीटर पानी की बोतल उपलब्ध होगी।
सुरक्षा और स्वास्थ्य के पुख्ता इंतजाम
भारी भीड़ को देखते हुए 256 हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। धाम से रेलवे स्टेशन तक 20 अस्थायी अस्पताल बन रहे हैं, जहां आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा मिलेगी। बड़ी संख्या में स्वयंसेवक सेवा में तैनात रहेंगे।
