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लोक निर्माण विभाग रीवा में फर्जी दस्तावेजों से करोड़ों की रॉयल्टी में हेराफेरी, FIR दर्ज

Royalty fraud

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Royalty fraud in Public Works Department Rewa: रीवा में लोक निर्माण विभाग (PWD) में फर्जी दस्तावेजों के जरिए खनिज रॉयल्टी में 2.59 करोड़ रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आया है। इस मामले में सतना के तत्कालीन कार्यपालन यंत्री मनोज द्विवेदी और दिल्ली की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की गई है। जांच में अन्य लोगों के शामिल होने की संभावना भी जताई गई है।

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रीवा के सामाजिक कार्यकर्ता बीके माला की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई। शिकायत में आरोप था कि सतना PWD ने सीआरएफ योजना के तहत 46.70 किमी सड़क निर्माण कार्य में ठेकेदार को फर्जी NOC के आधार पर 2.59 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जिसे कार्य पूरा न होने के कारण रोका गया था। जांच में पाया गया कि रीवा खनिज विभाग से कोई NOC जारी नहीं हुई थी, जिसकी पुष्टि रीवा कलेक्टर ने भी की।

शिकायत के बाद आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो, रीवा ने दस्तावेजों की जांच की, जिसमें फर्जीवाड़ा सामने आया। मनोज द्विवेदी और ठेकेदार के खिलाफ धारा 420, 467, 471, 120B और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच में कूटरचित दस्तावेजों के जरिए ठेकेदार को लाभ पहुंचाने की पुष्टि हुई। सीटू नेताओं ने बताया कि मनोज द्विवेदी, जो रीवा में भी कार्यपालन यंत्री रहे और हाल ही में सेवानिवृत्त हुए, के खिलाफ अन्य शिकायतें भी विचाराधीन हैं। जांच में और नाम जुड़ने की संभावना है। PWD द्वारा मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध न कराने और गुमराह करने के भी आरोप लगे हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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