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Role of Youth in Social Work-TRS College Rewa : कॉलेज में युवाओं को सामाजिक बदलाव का वाहक बनने का संदेश

Role of Youth in Social Work-TRS College Rewa : कॉलेज में युवाओं को सामाजिक बदलाव का वाहक बनने का संदेश-रीवा,16 फरवरी 2026-टीआरएस-कॉलेज,रीवा के समाजकार्य विभाग द्वारा “समाज कार्य में युवाओं की भूमिका” विषय पर एक विशेष व्याख्यान कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को युवा सशक्तिकरण, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका के प्रति प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में वक्ताओं ने युवाओं को समाज परिवर्तन का सशक्त माध्यम बताते हुए उन्हें सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ.अर्पिता अवस्थी के मार्गदर्शन में, समाजकार्य विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ.मधुलिका श्रीवास्तव के निर्देशन तथा डॉ.अखिलेश शुक्ल की अध्यक्षता में किया गया। टीआरएस कॉलेज रीवा के समाजकार्य विभाग में ‘समाज कार्य में युवाओं की भूमिका’ पर विशेष व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें युवा सशक्तिकरण, सामाजिक जागरूकता और समाज परिवर्तन पर प्रेरणादायक विचार प्रस्तुत किए गए।

दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पण के साथ हुआ, जिससे पूरे वातावरण में ज्ञान, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। इसके पश्चात समाजकार्य विभाग की छात्रा निशा अग्निहोत्री ने मधुर स्वर में सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।

“युवा केवल युवा नहीं, देश का भविष्य है”-डॉ. मधुलिका श्रीवास्तव

कार्यक्रम के उद्देश्यों का वाचन करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. मधुलिका श्रीवास्तव ने कहा कि “युवा केवल युवा नहीं बल्कि देश का भविष्य भी है’- उन्होंने कहा कि समाज कार्य के क्षेत्र में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। युवा अपनी ऊर्जा, उत्साह, नवीन सोच और तकनीकी दक्षता के माध्यम से समाज में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे स्वयं के साथ-साथ अन्य युवाओं को भी समाज सेवा के लिए प्रेरित करें।

मुख्य वक्ता-डॉ.श्रीकांत मिश्र का प्रेरणादायक उद्बोधन

मुख्य वक्ता डॉ.श्रीकांत मिश्रा ने अपने प्रभावशाली व्याख्यान में कहा, “जिस ओर जवानी चलती है, उसी ओर जमाना चलता है” उन्होंने युवाओं को समाज परिवर्तन का अग्रदूत बताते हुए कहा कि समाज कार्य केवल एक पेशा नहीं बल्कि सेवा और समर्पण की भावना है। यदि युवा अपनी शक्ति को सही दिशा में लगाएं तो समाज में स्थायी और सकारात्मक बदलाव संभव है।

अध्यक्षीय उद्बोधन-समाज कार्य और युवाओं का अटूट संबंध

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. अखिलेश शुक्ल ने कहा कि इतिहास साक्षी है कि जब-जब युवाओं ने संगठित होकर कार्य किया है, तब-तब असंभव को भी संभव बनाया है। उन्होंने कहा कि समाज कार्य और युवाओं का संबंध चोली-दामन जैसा है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच बनाकर उसके जीवन में बदलाव लाना आज के युवाओं की प्रमुख जिम्मेदारी है। उन्होंने अपने संबोधन का समापन इस संदेश के साथ किया कि लोगों की सोच में सकारात्मक परिवर्तन लाना ही समाज कार्य का अंतिम लक्ष्य है।

डॉ.शाहेदा सिद्दीकी का प्रेरक संदेश

डॉ. शाहेदा सिद्दीकी ने कहा कि “कल का सूरज आज की युवाओं की मुट्ठी में है।” एक शिक्षित युवा समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर कर परिस्थितियों में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। युवाओं की सोच और कर्म ही समाज का भविष्य तय करते हैं।

संचालन एवं आभार प्रदर्शन

कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. गुंजन सिंह द्वारा किया गया एवं आभार प्रदर्शन डॉ. प्रियंका तिवारी ने किया। कार्यक्रम में डॉ. फरजाना बानो, डॉ. प्रियंका पांडेय, योगेश निगम सहित समाजकार्य विभाग के सभी छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। यह जानकारी डॉ. मधुलिका श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष, समाज कार्य, शासकीय ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय, रीवा (म.प्र.) द्वारा प्रदान की गई।

निष्कर्ष (Conclusion)-यह विशेष व्याख्यान कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ, बल्कि समाज के प्रति उनके दायित्वबोध को भी मजबूत करने वाला रहा। वक्ताओं के प्रेरक विचारों ने युवाओं को यह समझाने का प्रयास किया कि यदि वे अपनी ऊर्जा और क्षमता को सही दिशा में लगाएँ, तो समाज में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन संभव है। ऐसे कार्यक्रम युवाओं को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


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