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चित्रकूट में फिर बाढ़ का खतरा: 26 दिन में दूसरी बार उफान पर मंदाकिनी, एमपी-यूपी प्रशासन अलर्ट और SDRF तैनात

Risk of floods again in Chitrakoot.Risk of floods again in Chitrakoot.

Risk of floods again in Chitrakoot.

मुख्य बिंदु

रामघाट और निचले इलाकों में बढ़ा पानी

सतना जिले के चित्रकूट क्षेत्र तथा आसपास के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण मंदाकिनी नदी एक बार फिर उफान पर आ गई है। शुक्रवार शाम उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध रामघाट में नदी का पानी खतरे के निशान को पार कर गया, जिससे पानी घाट की सीढ़ियों और निचले हिस्सों तक पहुंचने लगा है। जलस्तर में अचानक हो रही वृद्धि को देखते हुए स्थानीय दुकानदारों ने एहतियातन अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।

29-30 अगस्त की घटना और इस बार के हालात

मंदाकिनी नदी में मात्र 26 दिन के भीतर दूसरी बार बाढ़ जैसे हालात बने हैं। इससे पहले 29 और 30 अगस्त को भी नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया था, उस दौरान कई लोग फंस गए थे और रेस्क्यू के लिए वायुसेना की मदद लेनी पड़ी थी। ताजा स्थिति यह है कि मध्य प्रदेश की सीमा में आरोग्यधाम के पास 25 सितंबर की रात 8 बजे जलस्तर 135.02 मीटर दर्ज किया गया, जो अधिकतम बाढ़ जलस्तर 139.60 मीटर से 4.58 मीटर नीचे है, लेकिन लगातार बढ़ते पानी से चिंता बनी हुई है। इसके अलावा, गुप्त गोदावरी का जलस्तर भी काफी बढ़ चुका है और वहां पानी का बहाव बेहद तेज है।

प्रशासन की सख्त निगरानी और अपील

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने शुक्रवार शाम चित्रकूट पहुंचकर घाटों का जायजा लिया और बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। प्रशासन द्वारा नदी किनारे के इलाकों में लाउडस्पीकर के जरिए एनाउंसमेंट करवाकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जरूरत पड़ने पर निचले इलाकों के लोगों को तुरंत सुरक्षित आश्रय स्थलों तक पहुंचाया जाए। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे नदी और घाट के निचले हिस्सों या तेज बहाव वाले क्षेत्रों की तरफ बिल्कुल न जाएं।

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