रीवा। होली रंगो का पर्व है। जिसमें लोग एक दूसरे को रंग लगाकर पर्व का उत्सव मनाते है। यही वजह है कि रीवा ग्रामीण आजीविका मिशन की दीदियों ने होली के रंगों पर फोकस करते हुए स्पेशल होली हैम्पर तैयार किया है। जिससे लोग इस बार प्राकृतिक रंगों से यह पर्व मना सकें। रीवा के दीदियों के द्वारा तैयार किया गया स्पेशल होली हैम्पर भोपाल में लॉन्च किया गया है। इन हैम्परों को लेकर राजधानी से आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना के सात वाहन निकले, जिन्हें मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किए है।
ऐसे तैयार किया गया है उत्पाद
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की दीदीयों द्वारा तैयार स्पेशल होली हैम्पर में प्राकृतिक रंग, देशी घी, मिष्ठान, गोकाष्ठ, पूजन सामग्री और टीशर्ट जैसे 10 उत्पाद शामिल हैं। उज्जैन, सागर, कटनी, सीहोर और रीवा जिले की दीदीयों द्वारा तैयार होली हैम्पर पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।
सीएम ने किया तरीफ
मुख्यमंत्री यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में स्वसहायता समूहों की आजीविका मिशन क्षमतावर्धन कार्यशाला अवसर पर कहा कि आजीविका मिशन से जुड़ी दीदियां एकता की शक्ति का सजीव उदाहरण हैं। बहनों द्वारा एकजुटता से किए जा रहे प्रयास बंद मुट्ठी लाख की के भाव को चरितार्थ करते हुए देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। बहनें आज ट्रैक्टर से लेकर ड्रोन तक चलाने के साथ गैस और पेट्रोल रिफिलिंग जैसे कार्य भी कर रही हैं। कैफे संचालन से लेकर मार्केट का टारगेट पूरा करने में अव्वल बहनें अचार, पापड़ निर्माण सहित कई छोटे उद्योगों से बेहतर कमाई कर रही हैं। भारतीय संस्कृति में मातृ सत्ता का विशेष महत्व है।
65 लाख दीदिया हो रही सशक्त
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश की बहनें सशक्त हो रही हैं। प्रदेश के 5 लाख स्व-सहायता समूहों से 65 लाख से अधिक दीदियां जुड़कर सशक्त हुई हैं। इनमें से 12 लाख से अधिक दीदियां लखपति दीदी बन चुकी हैं। राज्य सरकार प्रदेश की बहनों के सशक्तिकरण के लिए संकल्पित है।
प्राकृतिक खेती से जुड़ी महिलाएं
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि स्व-सहायता समूहों ने एक वर्ष में विभिन्न कंपनियों और मेलों के माध्यम से 310 करोड़ रुपए का व्यापार किया है। मध्य प्रदेश, देश का सर्वाधिक प्राकृतिक खेती वाला राज्य है। स्व-सहायता समूहों की 50 हजार बहनें प्राकृतिक खेती में जुटी हैं। राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में महिला बाल विकास विभाग में 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। साथ ही, बजट का कुल 34 प्रतिशत हिस्सा ग्रामीण विकास पर खर्च किया जाएगा।

