रीवा। विंध्य की राजधानी रहा रीवा संभागीय मुख्यालय होने के साथ ही एक और उपलब्धी की ओर अग्रसर हो सकता है। जिस तरह मध्यप्रदेश के इंदौर-भोपाल को मेट्रोपॉलिटन रीजन बनाया जा रहा है, उसी की तर्ज पर रीवा को भी मेट्रोपॉलिटन रीजन के रूप में विकसित करने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। इस सबंध में प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने रीवा बताया कि रीवा, सतना समेत इससे जुड़े हुए शहरों को जोड़कर मेट्रोपॉलिटन रीजन के रूप में इस क्षेत्र को विकसित किया जाएगा।
महानगरों की तर्ज पर विकास
भाजपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला कहा कि भोपाल की तर्ज पर रीवा, सतना और उसके आसपास के शहरों और क्षेत्र को शामिल करते हुए मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाने की योजना है। जिससे विंध्य का भू-क्षेत्र विकसित होगा और यहां के लोगो को और अच्छी सुविधाए मिल सकेगी।
क्या है मेट्रोपॉलिटन एरिया
मेट्रोपॉलिटन एरिया का मतलब सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि एक पूरा क्षेत्र जुड़ा होता हैं। जिसमें आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियाँ। मुख्य शहर-आर्थिक, व्यवसायिक और प्रशासनिक हब उपनगर-आसपास के शहर जो आवास और व्यापार के लिए तेजी से विकसित होते है। महानगर क्षेत्र को एक विशाल शहरी क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जो कई नगरपालिकाओं से मिलकर बना होता है। जिसमें एक मुख्य शहर होता है जिसके नाम पर क्षेत्र का नाम रखा जाता है। मुख्य शहर को अक्सर महानगर भी माना जाता है, जो एक व्यापक शब्द है और इसका उपयोग महानगर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बहुत बड़े शहरों के लिए किया जाता है। किसी महानगर या उसके निवासियों की विशेषता, विशेष रूप से संस्कृति, परिष्कार या विभिन्न प्रकार के लोगों, विचारों आदि को स्वीकार करने और संयोजित करने में। किसी बड़े शहर, उसके आसपास के उपनगरों और अन्य पड़ोसी समुदायों से संबंधित है।
