Rewa-Singrauli Railway Project: रीवा-सिंगरौली रेलवे लाइन परियोजना को गति देने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। भूमि अधिग्रहण, लंबित मुआवजा वितरण, अवैध अतिक्रमण हटाने और बिजली की ट्रांसमिशन लाइनों को शिफ्ट करने जैसे सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा। कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने अधिकारियों को निर्माण में आ रही सभी बाधाओं को जल्द दूर कर परियोजना में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं, ताकि रीवा, सीधी और सिंगरौली के लोगों को जल्द बेहतर रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिल सके।
Rewa-Singrauli Railway Project: रीवा-सिंगरौली रेलवे लाइन परियोजना (Rewa-Singrauli Railway Project) की वर्षों से लंबित बाधाओं को दूर करने की दिशा में प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition), मुआवजा वितरण (Compensation), अतिक्रमण हटाने (Encroachment Removal) और बिजली की ट्रांसमिशन लाइनों (Transmission Line Shifting) जैसी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कर निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी।
कमिश्नर ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने परियोजना की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि रेलवे निर्माण (Railway Construction) में जहां भी प्रशासनिक, राजस्व या तकनीकी अड़चनें हैं, उनका तत्काल निराकरण किया जाए। उन्होंने रामपुर नैकिन रेलवे प्रोजेक्ट (Rampur Naikin Railway Project) को सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
तीन जिलों में निर्माण कार्य की हुई समीक्षा
बैठक में रीवा, सीधी और सिंगरौली जिलों में चल रहे रेलवे लाइन निर्माण (Railway Line Construction) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जिन स्थानों पर भूमि अधिग्रहण, मुआवजा भुगतान, अतिक्रमण या अन्य तकनीकी कारणों से कार्य प्रभावित है, वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि परियोजना निर्धारित समयसीमा में आगे बढ़ सके।
दो आरओबी के लिए भूमि अधिग्रहण जारी
रीवा जिले के बांसा और रौरा गांव में प्रस्तावित दो रोड ओवर ब्रिज (ROB) के लिए भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) की प्रक्रिया जारी है। वहीं सीधी जिले के झांझ, रायखोर, पटेहरा और मझियार गांवों में लंबित राजस्व (Revenue) संबंधी मामलों का जल्द निपटारा करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।
अवैध निर्माण हटेंगे, रुका निर्माण होगा शुरू
समीक्षा बैठक में सिंगरौली जिले में अधिग्रहित भूमि पर अधिक मुआवजा प्राप्त करने की मंशा से किए गए अवैध निर्माण (Illegal Construction) का मुद्दा भी सामने आया। कमिश्नर ने ऐसे सभी निर्माणों को हटाने और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसी तरह सीधी जिले के नौढिया गांव में रेलवे की अधिग्रहित भूमि पर बने 19 कच्चे मकानों के कारण गुड्स साइडिंग प्लेटफॉर्म (Goods Siding Platform) का निर्माण रुका हुआ है। इस भूमि का मुआवजा पहले ही दिया जा चुका है। प्रशासन को प्रभावित परिवारों के पुनर्वास (Rehabilitation) की प्रक्रिया पूरी कर जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बिजली की ट्रांसमिशन लाइनें होंगी शिफ्ट
बहरी तहसील के कई गांवों में रेलवे परियोजना के रास्ते में आ रही 89 संरचनाओं (Structures) को हटाने, लंबित मुआवजा वितरण पूरा करने तथा कुर्सा और ढोगा क्षेत्र में 132/220 केवी विद्युत ट्रांसमिशन लाइन (132/220 KV Transmission Line) को जल्द शिफ्ट करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इससे रेलवे निर्माण कार्य में आ रही तकनीकी बाधाएं दूर हो सकेंगी।
भू-अभिलेख की विसंगतियां भी होंगी दूर
कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने कहा कि परियोजना से जुड़े सभी भू-अभिलेख (Land Records) संबंधी विवादों और विसंगतियों का समयबद्ध समाधान किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय (Coordination) के साथ काम करें, ताकि रीवा-सिंगरौली रेलवे लाइन परियोजना का निर्माण तेज गति से पूरा हो सके और क्षेत्र के लोगों को जल्द रेल सुविधा का लाभ मिल सके।

