Site icon SHABD SANCHI

Rewa: रिश्वत मांगने वाले रेजिडेंट डॉक्टर को 4 साल का सश्रम कारावास

Rewa: विशेष न्यायालय (पीसी एक्ट) रीवा ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एक रेजिडेंट डॉक्टर को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। डॉ. हरिबाबू मीणा, जो श्यामशाह मेडिकल कॉलेज रीवा में रेजिडेंट डॉक्टर थे, को मरीज के परिजन से इलाज के नाम पर रिश्वत मांगने के मामले में दोषी पाया गया है।

ट्रैप में पकड़े गए थे 1500 रुपये के साथ

जिला अभियोजन संचालनालय रीवा के सहायक निदेशक ने बताया कि 4 जुलाई 2015 को रामसिया तिवारी ने लोकायुक्त विशेष पुलिस स्थापना रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी कि डॉ. हरिबाबू मीणा उनके मरीज के इलाज के लिए 2000 रुपये रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत के आधार पर लोकायुक्त ने जालसाजी की ट्रैप कार्रवाई की। शिकायतकर्ता को डिजिटल रिकॉर्डर दिया गया, जिसमें रिश्वत की बातचीत रिकॉर्ड हुई। बातचीत में आरोपी ने 2000 रुपये की मांग की, लेकिन अंत में 1500 रुपये पर सहमत हो गया। 6 जुलाई 2015 को ट्रैप टीम ने आरोपी को श्यामशाह मेडिकल कॉलेज में ही रिश्वत की राशि 1500 रुपये के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के हाथ पर गुलाबी रंग का घोल लगाया गया था, जो रिश्वत राशि पर लगी थी। लोकायुक्त ने मामले की पूरी जांच के बाद अभियोग पत्र विशेष न्यायालय में पेश किया।

धारा 13(1) में 3 साल, धारा 13(2) में 4 साल की सजा

विचारण के दौरान मध्य प्रदेश शासन की ओर से सहायक निदेशक अभियोजन सुशील कुमार शुक्ला और वरिष्ठ एडीपीओ सूर्य प्रसाद पांडेय के मार्गदर्शन में विशेष लोक अभियोजक आलोक श्रीवास्तव ने पैरवी की। अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1) के तहत अपराध सिद्ध होने पर आरोपी को 3 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 2 हजार रुपये का जुर्माना दिया गया, जबकि धारा 13(2) के अंतर्गत आपराधिक अवचार के लिए 4 वर्ष का सश्रम कारावास और अतिरिक्त जुर्माने से दंडित किया गया है।

Exit mobile version