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Rewa Highway Development : कलवारी-सिरमौर मार्ग उन्नयन को मंजूरी,विकास की नई रफ्तार

Rewa Highway Development :

Rewa Highway Development

Rewa Highway Development : कलवारी-सिरमौर मार्ग उन्नयन को मंजूरी,विकास की नई रफ्तार-रीवा जिले के लिए एक ऐतिहासिक और बहुप्रतीक्षित सौगात सामने आई है। केंद्र सरकार ने कलवारी से सिरमौर तक राष्ट्रीय राजमार्ग 135BD के उन्नयन को आधिकारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया भी औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है। इस परियोजना से न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि व्यापार, परिवहन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। यह परियोजना विंध्य क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होने जा रही है। रीवा जिले के लिए बड़ी सौगात: कलवारी–सिरमौर मार्ग उन्नयन को केंद्र सरकार की मंजूरी, भूमि अधिग्रहण शुरू। जानिए पूरी परियोजना, प्रभावित क्षेत्र, फायदे और विकास पर असर।

परियोजना का संक्षिप्त विवरण

केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 6 फरवरी 2026 को अधिसूचना S.O. 646(E) जारी की गई, जिसके अंतर्गत कलवारी से सिरमौर तक लगभग 35.92 किलोमीटर लंबे मार्ग को दो लेन (पक्के शोल्डर सहित) में विकसित किया जाएगा। इस अधिसूचना के साथ ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है और संबंधित एसडीएम (राजस्व) को सक्षम प्राधिकारी (CALA) नियुक्त किया गया है।

36 किलोमीटर में बदलेगी सड़क की तस्वीर

इस परियोजना के तहत किमी 0 से 35.92 तक चरणबद्ध तरीके से मार्ग का उन्नयन किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ते हुए रीवा जिले की यातायात व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। यह मार्ग सिरमौर, मनगवां और त्योंथर तहसीलों के अनेक गांवों से होकर गुजरेगा, जिससे हजारों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

किन क्षेत्रों पर पड़ेगा प्रभाव

किमी 0 से 25.76 तक (सिरमौर क्षेत्र)-

कररिया, राजगढ़, दुलहरा, बलहारा, क्योती, कपुरी, चौरी, दादर, लालगांव, कोल्हई, पनाई, पनगड़ी कला, दासपुरवा, भठवा, मदरी, सिरसवा-किमी 25.76 से 28 तक।
मनगवां का बास गांव-किमी 28 से 29.68 तक।
सिरमौर के चितराय, बड़िऔर-किमी 29.68 से 30.62 तक।
त्योंथर का करहिया-किमी 30.62 से 35.92 तक।

Rewa Highway Development : कलवारी-सिरमौर मार्ग उन्नयन को मंजूरी,विकास की नई रफ्तार

त्योंथर के दश, जमई कला और कलवारी

भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया और मुआवजा

भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा 3(ए) के अंतर्गत संचालित की जा रही है। प्रभावित भू-स्वामियों को नियमानुसार मुआवजा प्राप्त करने और आपत्तियां दर्ज कराने का पूरा अधिकार दिया गया है। राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से यह अधिसूचना प्रभावी मानी जाएगी।

विकास और कनेक्टिविटी को मिलेगा जबरदस्त बढ़ावा

इस नए कॉरिडोर के निर्माण से-

निष्कर्ष-(Conclusion ): कलवारी-सिरमौर मार्ग का उन्नयन रीवा जिले के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाला कदम है। यह परियोजना न केवल यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करेगी, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक विकास, सामाजिक संपर्क और ग्रामीण उत्थान को भी नई ऊर्जा देगी। आने वाले वर्षों में यह सड़क परियोजना रीवा को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

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