Rewa Educational Tour Organized-2026 by the Botany Department : वनस्पति शास्त्र विभाग का शैक्षणिक भ्रमण संपन्न-महाविद्यालय के वनस्पति शास्त्र विभाग द्वारा एम.एस.सी. चतुर्थ सेमेस्टर एवं एम.एस.सी. प्रथम वर्ष (प्रथम सेमेस्टर) के विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्रों को किताबों से बाहर निकलकर प्रकृति की प्रयोगशाला में जैव विविधता का प्रत्यक्ष ज्ञान कराना था। यह भ्रमण जिला सीधी के पारसिली, गोविंदगढ़, खंधो, गुलाब बाग तथा गोविंदगढ़ तालाब के विविध पारिस्थितिकी क्षेत्रों में संपन्न हुआ। महाविद्यालय के वनस्पति शास्त्र विभाग द्वारा एम.एस.सी. के छात्रों के लिए पारसिली, गोविंदगढ़ एवं गुलाब बाग में आयोजित शैक्षणिक भ्रमण की संपूर्ण जानकारी। जानें कैसे छात्रों ने जैव विविधता को करीब से समझा और पर्यावरण संरक्षण का पाठ सीखा।
शैक्षणिक भ्रमण का मार्गदर्शन एवं नेतृत्व
Guidance and Leadershi
इस शैक्षणिक भ्रमण का निर्देशन एवं नेतृत्व महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. आर. एन. तिवारी के कुशल मार्गदर्शन में किया गया। उनकी प्रेरणा से यह आयोजन संभव हो सका। वनस्पति शास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. अभिलाषा श्रीवास्तव ने भ्रमण की संपूर्ण रूपरेखा तैयार की और विद्यार्थियों को विभिन्न वनस्पति प्रजातियों के बारे में गहन जानकारी प्रदान की।
भ्रमण के दौरान शैक्षणिक गतिविधियां
Academic Activities During the Tour
प्रो. अभिलाषा श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने विभिन्न क्षेत्रों में फैली जैव विविधता का अवलोकन किया जिसमें-
वनस्पति प्रजातियों का अध्ययन-छात्रों ने पारसिली एवं गोविंदगढ़ के जंगलों में पाई जाने वाली दुर्लभ एवं सामान्य वनस्पति प्रजातियों को पहचाना और उनके वैज्ञानिक नामों, गुणों एवं उपयोगिता के बारे में जाना।
जलीय पौधों का अध्ययन-गोविंदगढ़ तालाब के किनारे जलीय पारिस्थितिकी तंत्र (Aquatic Ecosystem) का अध्ययन किया गया। यहाँ छात्रों ने विभिन्न प्रकार के जलीय पौधों और उनके जीवन चक्र को समझा।
स्थानीय जैव विविधता की खोज-खंधो एवं गुलाब बाग के क्षेत्रों में छात्रों ने स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र और उसमें पौधों एवं जीवों के अंतर्संबंधों का प्रत्यक्ष अध्ययन किया।
पर्यावरण संरक्षण का पाठ-भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता के महत्व के संबंध में विस्तृत जानकारी देकर उन्हें प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाया गया।
उपस्थित गणमान्य एवं सहयोगी
Dignitaries and Coordinators Present
इस सफल आयोजन में वनस्पति शास्त्र विभाग के साथ ही अन्य विभागों के प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों का भी भरपूर सहयोग रहा। भ्रमण के दौरान डॉ. रश्मि अर्नाल्ड, डॉ. अनूप सिंह, डॉ. आशीष पटेल, डॉ. नीरज कुमार, श्री संजय वर्मा एवं समस्त कर्मचारीगण उपस्थित रहे। सभी प्राध्यापकों के सक्रिय सहयोग से यह भ्रमण अत्यंत सफल एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ।
निष्कर्ष (Conclusion)-महाविद्यालय का यह शैक्षणिक भ्रमण केवल एक दिन की यात्रा नहीं थी, बल्कि यह छात्रों के लिए सीखने का एक जीवंत मंच साबित हुआ। इसने पाठ्यक्रम को व्यावहारिक रूप प्रदान किया और विद्यार्थियों को शोध एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया। महाविद्यालय द्वारा भविष्य में भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा, जिससे वे शैक्षणिक दक्षता के साथ-साथ एक जिम्मेदार नागरिक भी बन सकें।
