Rewa Cyber Fraud: मध्य प्रदेश के रीवा (Rewa, Madhya Pradesh) में एक बड़े Cyber Fraud Racket का खुलासा हुआ है। गुजरात की सूरत पुलिस (Surat Police) और रीवा की विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 13 आरोपियों को हिरासत में लिया है।
ये सभी आरोपी शहर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र अंतर्गत शिल्पी उपवन कॉलोनी (Shilpi Upvan Colony) के मकान नंबर J-15, अनंतपुर (Anantpur) में किराए से रह रहे थे और यहीं से कथित तौर पर अपना Cyber Crime Network संचालित कर रहे थे।
बताया गया है कि ये आरोपी मिलकर एक साइबर गिरोह चलाते थे और लोगों के स्मार्टफोन्स को हैक कर, बैंक अकाउंट्स खाली कर देते थे. इन आरोपियों ने किराए के मकान को अपना अड्डा बनाया हुआ था. रविवार को सूरत पुलिस ने इन आरोपियों के ठिकाने पर रेड मारी और सभी को हिरासत में ले लिया गया, इसके अलावा आरोपियों के पास से बरामद 2 बाइक, लैपटॉप, मोबाईल सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस और कुछ दस्तवेज जब्त किए हैं.
एक घर में 13 लोग, किसी को खबर नहीं
शिल्पी उपवन के मकान नंबर J-15 में रहकर ये आरोपी अपना गिरोह संचालित करते थे. लेकिन कॉलोनी में रहने वाले अन्य लोगों ने इन्हे कभी देखा नहीं, बताया गया है कि इस मकान में कुल 13 लोग रहते थे मगर किसी को भी उनकी आपराधिक गतिविधियों का अंदेशा नहीं हुआ. स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मकान अयोध्या प्रसाद द्विवेदी का है जिन्होंने 2 महीने पहले अपना मकान किराए से दिया था.
जाँच में पता चला है कि मकान में रहने वाले सभी लोग बाहरी हैं, जिनमे से कई उत्तराखंड और छत्तसीगढ़ के हैं. हासिल जानकारी के मुताबिक ये साइबर आरोपी कभी मकान से बाहर नहीं निकलते थे. ये खाने पीने और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीज़ों को सिर्फ ऑनलइन आर्डर करते थे यहां तक कि घर से बाहर निकलकर कचरा भी नहीं फेंकने जाते थे. जब पुलिस ने रेड मारी तो पूरा घर कचरे से भरा हुआ था. पुलिस का कहना है कि साइबर क्राइम को अंजाम देने वाले लोग छोटे शहरों को ही अपना नेक्सस बनाते हैं और दूसरे राज्यों के लोगों को अपना शिकार बनाते हैं.
कोई इंजीनियर तो कोई वेब डेवलपर
पता चला है कि इन आरोपियों में सभी लोग पढ़े लिखे हैं कोई इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर है तो कोई वेब डेवलपर, यह गिरोह APK फाइल्स और OTP के जरिये लोगों के फोन हैक करता था और बैंक डिटेल्स निकालकर अकाउंट खाली कर देता था. दिसंबर में सूरत में रहने वाले एक बुजुर्ग को इसी गिरोह ने APK फ़ाइल भेजकर उनका फोन हैक किया था और खाते से 7 लाख रुपए उड़ा दिए थे, जिसके बाद से ही सूरत पुलिस इन आरोपियों की तलाश में जुट गई थी. सूरत पुलिस पिछले एक सप्ताह से रीवा में रहकर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने में लगी हुई थी.
बहरहाल सभी 13 आरोपियों को विश्व विद्यालय थाना पुलिस ने हिरासत में लिया है और उनसे पूछतांछ की जा रही है जिसके बाद उन्हें सूरत पुलिस को सौंप दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि यह मामला सिर्फ एक बुजुर्ग से 7 लाख की ऑनलइन लूट बस का नहीं है बल्कि इस गोरोह ने कई लोगों को अपना शिकार बनाकर करोड़ों रुपए लुटे हैं. पुलिस को शख्स है कि इस गिरोह का कोई मास्टरमाइंड भी है जिसकी पड़ताल की जा रही है.
इधर शिल्पी उपवन में रहने वाले लोगों को इस बात से आपत्ति है कि शहर की सबसे सुरक्षित कॉलोनी माने जाने वाले इस रिहायशी इलाके में इतना बड़ा गिरोह संचालित हो रहा था और न तो इसकी खबर यहां की सुरक्षा एजेंसी को थी और न ही मकान मालिक ने इन आरोपियों को किराए से कमरा देने से पहले इनका वेरिफिकेशन कराया।

