रीवा। शहर के नवीन न्यायालय भवन में वकीलों और आम आगंतुकों की मूलभूत सुविधाओं को विश्वस्तरीय और बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। परिसर में करीब 2 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों को जल्द शुरू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है, जिससे आने वाले समय में न्यायालय की पूरी कार्यप्रणाली अधिक सुगम और आधुनिक नजर आएगी।
हाल ही में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला की अध्यक्षता में राज निवास में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेंद्र पांडे, नगर निगम आयुक्त और एसडीएम हुजूर सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान न्यायालय परिसर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और वकीलों की लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने के लिए कई अहम वित्तीय और प्रशासनिक प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई।
12 नई लिफ्ट और कंक्रीट पार्किंग की मिलेगी सुविधा
बैठक में लिए गए फैसलों के तहत, बहुमंजिला न्यायालय भवन में अधिवक्ताओं और बुजुर्ग व दिव्यांग पक्षकारों की सुविधा के लिए 12 नई लिफ्ट लगाई जाएंगी। इसके साथ ही, परिसर में अव्यवस्थित रहने वाली पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 87 लाख रुपये की लागत से कच्ची पार्किंग एरिया का पूरी तरह कंक्रीटीकरण (सीसी रोड निर्माण) कराया जाएगा। वहीं, वकीलों को उनके निजी चेंबरों में बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 93 लाख रुपये की लागत से एलटी (लो-टेंशन) विद्युत कनेक्शन का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की स्वीकृति भी दी गई है।
साफ-सफाई के लिए हाईकोर्ट देगा हर महीने ₹4 लाख
परिसर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए भी इस बैठक में एक बड़ा और स्थाई समाधान निकाला गया है। न्यायालय परिसर की नियमित साफ-सफाई के लिए माननीय हाईकोर्ट की ओर से प्रति माह 4 लाख रुपये की राशि नगर निगम रीवा को ट्रांसफर की जाएगी। इस बजट से नगर निगम प्रशासन रोजाना 20 विशेष सफाई कर्मचारियों की तैनाती सिर्फ कोर्ट परिसर के लिए सुनिश्चित करेगा, जो हर दिन वहां की स्वच्छता का ध्यान रखेंगे।
अधिवक्ता भवन को जोड़ने के लिए ₹3.92 करोड़ का भव्य प्रोजेक्ट
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेंद्र पांडे ने बताया कि मुख्य न्यायालय भवन और अधिवक्ता भवन (बार रूम) को आपस में जोड़ने के लिए भी एक भव्य ओवरब्रिज/कनेक्टिंग कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत 3 करोड़ 92 लाख रुपये है। इस विशेष प्रोजेक्ट पर तकनीकी और वित्तीय बारीकियों को देखने के बाद अगले महीने होने वाली बैठक में अंतिम मुहर लगाई जाएगी। इन सभी बड़े बदलावों और स्वीकृतियों के बाद स्थानीय वकीलों ने खुशी और संतोष जाहिर किया है।

