रीवा कमिश्नर के सख्त निर्देश! संकल्प से समाधान शिविरों में अनिवार्य भागीदारी, लंबित पेंशन 7 दिनों में निपटाएं

Rewa Commissioner's strict instructions

Rewa Commissioner’s strict instructions: रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद ने संभागीय अधिकारियों को जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित साप्ताहिक संभागीय समीक्षा बैठक में उन्होंने सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों, समाधान ऑनलाइन के लंबित आवेदनों और संकल्प से समाधान अभियान की प्रगति की गहन समीक्षा की। कमिश्नर ने स्पष्ट कहा कि 12 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक चल रहे संकल्प से समाधान अभियान में सभी संभागीय अधिकारी अनिवार्य रूप से शिविरों में शामिल हों। प्रत्येक पात्र हितग्राही का आवेदन पत्र भरवाया जाए और विभागीय स्तर पर तुरंत निराकरण सुनिश्चित किया जाए। संभागीय नोडल अधिकारी हर सप्ताह जिलों का भ्रमण कर शिविरों की व्यवस्थाओं और प्रगति का प्रतिवेदन दें। अभियान का दीवार लेखन, प्रचार-प्रसार हर बसाहट तक पहुंचाएं। स्वास्थ्य विभाग क्लस्टर स्तर पर नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए, जिसमें दिव्यांगों की जांच और आयुष्मान कार्ड बनाने की व्यवस्था हो।

पेंशन प्रकरणों पर विशेष फोकस
कमिश्नर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि लगातार निर्देशों के बावजूद कई पेंशन प्रकरण लंबित हैं। सभी अधिकारी 7 दिनों के अंदर लंबित प्रकरण पेंशन कार्यालय में दर्ज करें। विभागीय जांच वाले मामलों में एक माह में जांच पूरी कर निराकरण करें। संभागीय पेंशन अधिकारी तय समय-सीमा में पीपीओ जारी कराएं, ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर उनके हक मिलें।

अन्य प्रमुख निर्देश

  • पेयजल गुणवत्ता: अधीक्षण यंत्री पीएचई शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों से पानी के नमूने लेकर संभाग की 11 प्रयोगशालाओं में जांच कराएं। रिपोर्ट हर सप्ताह कमिश्नर कार्यालय में प्रस्तुत करें। खराब पाए जाने पर सुधार के पुख्ता इंतजाम करें।
  • भूजल संरक्षण: सिंचाई से गिरते जलस्तर के कारण बंद हैंडपंपों में राइजर पाइप लगाकर सुधार कराएं।
  • धान उपार्जन: समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन पूरा हो गया है। उपार्जित धान का सुरक्षित भंडारण और परिवहन सुनिश्चित करें। किसानों को 3 दिनों में भुगतान करें। अधिक भंडारण वाले केंद्रों में अतिरिक्त ट्रक लगाएं।
  • ई-ऑफिस: रीवा संभाग प्रदेश में ई-ऑफिस में प्रथम स्थान पर है। सीधी, मऊगंज, मैहर और सिंगरौली जिलों पर विशेष ध्यान दें।
  • क्षेत्रीय निरीक्षण: भ्रमण के दौरान आंगनवाड़ी केंद्र, स्कूल, अस्पताल और छात्रावासों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं पर प्रतिवेदन दें।

बैठक में संयुक्त आयुक्त दिव्या त्रिपाठी, उपायुक्त एलएल अहिरवार, एसडीओ वन नितीन्द्र खण्डेलवाल, डीन मेडिकल कॉलेज डॉ. सुनील अग्रवाल, अधीक्षण यंत्री पीएचई महेन्द्र सिंह, मुख्य अभियंता ऊर्जा प्रमा पाण्डेय, संयुक्त संचालक कृषि यूपी बागरी, संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास शशि श्याम उइके, संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय अनिल दुबे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।कमिश्नर ने जोर दिया कि सुशासन और जनकल्याण के लिए सभी अधिकारी तत्परता, संवेदनशीलता और समयबद्धता से कार्य करें, ताकि आमजन को योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।

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