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टाटा ग्रुप में Retail Holding की कमी देखी गई….कारण जाने

टाटा पावर, टाटा स्टील में Retail Holding में कमी देखी गई....

टाटा पावर, टाटा स्टील में Retail Holding में कमी देखी गई....

टाटा समूह की प्रमुख कंपनियों टाटा पावर और टाटा स्टील में दिसंबर 2025 तिमाही के दौरान Retail Holding में कमी दर्ज की गई है। स्टॉक एक्सचेंज डेटा के मुताबिक सितंबर से दिसंबर के बीच लाखों छोटे निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी घटाई है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब शेयर बाजार में अस्थिरता का माहौल और सेक्टर पर आधारित रोटेशन देखने को मिला है, जिसका असर रिटेल निवेशकों पर पड़ा हुआ है।

Tata Power में Retail Holding का ट्रेंड

स्टॉक एक्सचेंज पर उपलब्ध शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, Tata Power में सितंबर 2025 के अंत तक रिटेल निवेशक (₹2 लाख तक की हिस्सेदारी रखने वाले) की संख्या लगभग 43.36 लाख रुपए थी। दिसंबर 2025 तक यह घटकर करीब 41.78 लाख रुपए रह गई है। यानी करीब 1.58 लाख रुपए रिटेल निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी कम कर ली है। हालांकि शेयर के प्रदर्शन की अगर बात करें तो पिछले एक साल में कंपनी के स्टॉक में लगभग 7% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई है। इसके बावजूद Retail Holding में गिरावट यह संकेत देती है कि छोटे निवेशकों ने मुनाफावसूली या पोर्टफोलियो के संतुलन का विकल्प चुना है।

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टाटा स्टील में भी Retail Holding घटी

इसी तरह Tata Steel में भी Retail Holding में कमी देखी गई है। सितंबर तिमाही के अंत तक कंपनी में रिटेल निवेशकों की संख्या लगभग 54.27 लाख रुपए थी, जो दिसंबर के तिमाही में घटकर करीब 52.81 लाख रुपए रह गई है। यानी लगभग 1.46 लाख रुपए निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी कम कर ली है। दिलचस्प बात यह है कि पिछले एक साल में टाटा स्टील के शेयर में लगभग 49% की तेजी दर्ज की गई है। मार्केट के अनुसार, तेज रैली के बाद रिटेल निवेशकों द्वारा मुनाफा की वसूली Retail Holding में कमी की एक संभावित वजह हो सकती है।

गिरावट के संभावित कारण

विश्लेषक के अनुसार, दिसंबर तिमाही के दौरान बाजार में अस्थिरता, वैश्विक कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता जैसे संकेत के कारकों ने रिटेल सेंटिमेंट को ज्यादा प्रभावित किया है। स्टॉक एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, कई सेक्टरों में निवेशकों ने मुनाफावसूली की प्लानिंग अपनाई है। ऐसे में Retail Holding में कमी को बड़े लेवल का बाजार ट्रेंड के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

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निवेशकों पर असर और आगे का आउटलुक

Retail Holding में गिरावट का मतलब यह नहीं है कि कंपनियों के सभी फंडामेंटल कमजोर हुए हैं। कंपनी के आधिकारिक बयानों में वित्तीय प्रदर्शन को लेकर कोई नेगेटिव संकेत नहीं दिया गया है। हालांकि विश्लेषकों का ऐसा मानना है कि आने वाली तिमाहियों में वैश्विक मांग, कच्चे माल की कीमत और घरेलू आर्थिक गतिविधियां इन कंपनियों के सभी प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती हैं। यह रिपोर्ट केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसे निवेश की सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

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