अनिल अंबानी की Reliance Power company मैं फाइनेंशियल ईयर 2024- 2025 की जनवरी से मार्च महीने की तिमाही में 494 करोड रुपए का शुद्ध घाटा दर्ज किया है। कंपनी के तिमाही रिजल्ट में यह कमजोरी बिजली कारोबार से इनकम में दबाव और पुराने फाइनेंशियल बोझ के कारण देखने को मिल सकती है। हालांकि खर्च में कमी और कर्ज घटाने की कोशिश से निवेशकों का ध्यान ये खींच रहीहै।
Reliance Power के तिमाही नतीजों में क्या खास
स्टॉक एक्सचेंज डाटा के अनुसार कंपनी की कुल इनकम मार्च तिमाही में लगभग 2066 करोड रुपए थी जो कि पिछले साल की समान अवधि की तुलना में कमजोर बताई जा रही है। कंपनी ने परिचालन लागत कम करने पर अब अपना ध्यान दे दिया है लेकिन इसके बावजूद अंतिम तिमाही में लॉस दिख रहा है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार कंपनी की इनकम में स्थिरता नहीं आने और बिजली की मांग से जुड़े दबाव का असर फाइनेंशियल प्रदर्शन पर दिखाई दे रहा है। हालांकि EBITDA लेवल पर कुछ सुधार के भी संकेत मिले हैं।
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लागत नियंत्रण और कर्ज घटाने पर जोर
Reliance Power कंपनी पिछले कुछ सालों से अपने कर्ज के बोझ को कम करने की प्लानिंग पर काम किया जा रही है कंपनी के ऑफिशियल बयान में बताया गया है कि फाइनेंशियल अनुशासन और लागत नियंत्रण करने पर अब लगातार फोकस किया जा रहा है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार अगर कंपनी आने वाले क्वार्टर में ब्याज लागत कम रखने में सफल हो जाती है तो इससे नगदी प्रभाव में सुधार हो सकता है। पावर सेक्टर में भी ज्यादा कर्ज लंबे समय से बड़ी चुनौती का माना जाता रहाहै।
Renewable Energy से जुड़ी प्लानिंग पर बाजार की नजर
अब Reliance Power पारंपरिक थर्मल पावर बिजनेस के साथ-साथ रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट पर भी अपना ध्यान दे रही है। सोलर और बैट्री स्टोरेज प्रोजेक्ट्स में संभावित विस्तार होने से कंपनी के लिए लंबी अवधि के पॉजिटिव रिजल्ट के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि इन सभी प्रोजेक्ट से वास्तविक आने में अभी समय लग सकता है ऐसे में कम अवधि में कंपनी का प्रदर्शन मुख्य रूप से मौजूदा बिजली के कारोबार और फाइनेंशियल प्रबंधन पर ही निर्भर रहेगा।
शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव है जारी
Reliance Power कंपनी के तिमाही नतीजे के बाद शेयर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। निवेश करने वाले लोगों ने घाटे के आंकड़ों पर सतर्क रहने का रिएक्शन दिया है जबकि कुछ निवेश करने वाले लोगों ने लागत नियंत्रण और संभावित संकेत को पॉजिटिव बताया है। मार्केट एक्सपर्ट्स की जानकारी के अनुसार कंपनी के शेयर में आगे की दिशा काफी हद तक अगले दो-तीन क्वार्टर के प्रदर्शन और लोन प्रबंधन पर निर्भर होगा। यह भी बताया जा रहा है कि पावर सेक्टर में गवर्नमेंट की नीति और बिजली मांग का असर कंपनी की कमाई पर भी देखने को मिलेगा।
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क्या है आगे का आउटलुक
बाजार विश्लेषकों के अनुसार रिलायंस कंपनी के आने वाले क्वार्टर बहुत महत्वपूर्ण होने वाले हैं। अगर कंपनी अपनी इनकम बढ़ाने, खर्च नियंत्रित रखने और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में सफल रहती है। तो फाइनेंशियल स्थिति में सुधार होना संभव है। हालांकि मार्केट विशेषज्ञ निवेश करने वाले लोगों को अभी सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। मेरे द्वारा दी जाने वाली जानकारी कोई निवेश की सलाह नहीं है।

