Red Vs Orange Carrot : सर्दियों की शुरुआत होते ही बाजार में सब्जियों की रौनक बढ़ जाती है और सबसे ज्यादा ध्यान खींचती है गाजर। ठेलों से लेकर मंडियों तक लाल और नारंगी रंग की गाजर एक साथ नजर आती हैं। इस कारण अक्सर लोग उलझ जाते हैं कि आखिर कौन सी गाजर ज्यादा अच्छी और सेहतमंद है। आज हम आपको लाल और नारंगी रंग की दिखने गाज़र के बारे में बताएंगे कि कौन-सी खाना सही होता है।
कौन-सी गज़र अच्छी होती है?
कुछ लोग कहते हैं कि लाल गाजर सबसे बढ़िया है तो कोई नारंगी गाजर को ज्यादा फायदेमंद मानता है। सच तो यह है कि दोनों ही गाजर अच्छी हैं, बस उनका इस्तेमाल अलग-अलग कामों के लिए सही होता है। सही गाजर चुनकर आप स्वाद भी बढ़ा सकते हैं और सेहत का भी ख्याल रख सकते हैं।
मोटी या पतली गाजर खाएं?
अक्सर लोग सोचते हैं कि मोटी गाजर ज्यादा रसदार और अच्छी होगी, पर यह सही नहीं है। खासकर लाल गाजर में पतली और लंबी गाजर ही ज्यादा मीठी और अच्छी होती है। मोटी लाल गाजर के बीच का भाग सफेद और सख्त हो सकता है, जिसका स्वाद फीका होता है। इसलिए बाजार से लाल गाजर खरीदते समय पतली, सीधी और चमकदार गाजर ही चुनें। नारंगी गाजर में भी बहुत मोटी और भारी गाजर से बचना अच्छा रहता है।
लाल गाजर खाने के फायदे
लाल गाजर खासतौर पर सर्दियों में मिलती है और इसी वजह से इसे इस मौसम की सुपरफूड भी कहा जाता है। इसका रंग गहरा लाल होता है और स्वाद में यह बहुत मीठी और रसदार होती है। यह न सिर्फ स्वाद में अच्छी लगती है, बल्कि दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है। लाल गाजर में लाइकोपीन नाम का तत्व पाया जाता है, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। यह शरीर को अंदर से गर्म भी रखती है। रोजाना थोड़ी मात्रा में लाल गाजर खाने से पाचन मजबूत होता है और कमजोरी दूर होती है।
आयुर्वेद के अनुसार, लाल गाजर खून साफ करने और हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मददगार है, जिससे शरीर में ताकत आती है और थकान कम होती है। इसीलिए बड़े बुजुर्ग भी सर्दियों में लाल गाजर खाने की सलाह देते हैं।
नारंगी गाजर खाने के फायदे
नारंगी गाजर पूरे साल बाजार में आसानी से मिल जाती है। यह लाल गाजर से थोड़ी सख्त होती है और इसमें पानी की मात्रा कम होती है। नारंगी गाजर में बीटा कैरोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो आंखों की रोशनी के लिए बहुत लाभकारी है। यह विटामिन ए में बदल जाता है, जो देखने की शक्ति को मजबूत बनाता है। नारंगी गाजर का स्वाद हल्का मीठा होता है और यह कच्ची खाने में ज्यादा अच्छी लगती है।
जूस और हलवे के लिए कौन-सी गाजर लें
अगर आप गाजर का जूस बनाना चाहते हैं या हलवे में इस्तेमाल करना है तो लाल गाजर ही सबसे बेहतर हैं। इनकी रस मात्रा ज्यादा निकलती है और मिठास भी प्राकृतिक होती है। इससे हलवे का रंग भी सुंदर आता है और चीनी कम डालनी पड़ती है। जूस बनाने पर लाल गाजर का स्वाद गाढ़ा और अच्छा होता है। सब्जी बनाने के लिए भी लाल गाजर सही रहती है क्योंकि यह जल्दी पक जाती है और मसालों के साथ अच्छी तरह मिल जाती है।
सलाद और अचार के लिए कौन-सी गाजर बेहतर
सलाद और अचार के लिए नारंगी गाजर सबसे अच्छी रहती है। यह काटने पर अपनी शेप बनाए रखती है और कुरकुरेपन का अनुभव देती है। नारंगी गाजर जल्दी गलती नहीं है, इसलिए यह लंबे समय तक अचार में भी अच्छी रहती है। यदि आप रोजाना सलाद में गाजर खाना पसंद करते हैं और अच्छा क्रंच चाहते हैं तो नारंगी गाजर ही खरीदें।
ताजी गाजर पहचानने का आसान तरीका
गाजर खरीदते वक्त उसकी ताजगी पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। सबसे आसान तरीका है कि गाजर को हल्का सा मोड़कर देखें। यदि वह कड़क आवाज के साथ टूट जाए तो समझिए वह ताजी है। यदि वह बिना टूटे मुड़ जाती है तो वह पुरानी हो चुकी है। ऐसी गाजर का स्वाद भी अच्छा नहीं होता।
रंग और सतह देखकर भी करें जांच
गाजर का रंग ऊपर से नीचे तक एक समान होना चाहिए। अगर ऊपर का हिस्सा हरा हो तो इसका मतलब है कि वह ज्यादा धूप में रही है और स्वाद कड़वा हो सकता है। साथ ही, गाजर की सतह बहुत ज्यादा रेशेदार या खुरदरी नहीं होनी चाहिए। ज्यादा रेशेदार गाजर आमतौर पर पुरानी ही होती है।
कौन सी गाजर है सबसे अच्छी?
सच यह है कि लाल और नारंगी दोनों गाजर अपनी-अपनी जगह पर अच्छी हैं। जूस और हलवे के लिए लाल गाजर सबसे अच्छा विकल्प है, जबकि सलाद और अचार के लिए नारंगी गाजर ज्यादा सही रहती है। बाजार से खरीदारी करते समय सही पहचान और सावधानी से गाजर चुनकर आप स्वाद का आनंद ले सकते हैं और सेहत का भी ख्याल रख सकते हैं।
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