Red Chilli Sweet And Sour Pickle Recipe : स्वाद का अनोखा संगम लाल मिर्च का खट्टा-मीठा अचार-लाल मिर्च के खट्टे-मीठे अचार का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। यह अचार न केवल भारतीय थाली का एक अहम हिस्सा है, बल्कि इसकी तीखास, खटास और मिठास का त्रिवेणी स्वाद किसी का भी दिल जीत लेता है। बनारसी लाल मिर्च से तैयार यह रेसिपी पारंपरिक तरीके से बनाई जाती है और इसकी खुशबू व स्वाद लंबे समय तक कायम रहते हैं। चलिए, सीखते हैं इस स्वादिष्ट और लंबे समय तक चलने वाले अचार को बनाने की विधि। बनारसी लाल मिर्च का खट्टा-मीठा अचार बनाने की आसान और पारंपरिक रेसिपी। जानिए स्टेप बाई स्टेप विधि, सामग्री और टिप्स। घर पर बनाएं लंबे समय तक चलने वाला स्वादिष्ट अचार।
लाल मिर्च का खट्टा-मीठा अचार बनाने की सामग्री-
500 – ग्राम बनारसी साबुत ताज़ा बड़ी लाल मिर्च
125 – ग्राम गुड़ (बुरादा या छोटे टुकड़े)
125 – मिली सरसों का तेल
25 – ग्राम मेथीदाना
25 – ग्राम जीरा
15 – ग्राम राई (सरसों के दाने)
65 – ग्राम नमक (सेंधा नमक बेहतर)
125 – ग्राम इमली
125 – मिली सिरका (सफेद)
25 – ग्राम किसी हुई अदरक
1½ छोटी चम्मच हींग और आवश्यकता से पानी

लाल मिर्च का खट्टा मीठा अचार में बनाने की विधि-
सबसे पहले लाल मिर्च को तैयार करें-सबसे पहले ताज़ा बनारसी लाल मिर्चों को अच्छी तरह धो लें और साफ कपड़े से पोंछकर सुखा लें। अब इनकी डंडियां हटाकर मिर्चों को लंबाई में चीर लें या छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। कटी हुई मिर्च इस्तेमाल में आसान रहती है। यदि चाहें तो इन्हें बीज निकालकर भरवां भी बना सकते हैं।
लाल मिर्च का खट्टे-मीठे अचार के मसाले की तैयारी-इमली को 125 मिली सिरके में भिगो दें ताकि वह नरम हो जाए।
एक अलग बर्तन में नमक, सरसों का तेल और गुड़ रख दें। मेथीदाना, जीरा और राई को मिलाकर सूखा पीस लें। महीन पाउडर न बनाएं बल्कि थोड़ा दरदरा पीसें। अदरक को छीलकर बारीक कद्दूकस कर लें या किस लें।
तड़का तैयार करना-एक भारी तले की कड़ाई में तेल गरम करें। तेल अच्छी तरह गरम हो जाए (धुंआ आने लगे) तो गैस की आंच धीमी कर दें। सबसे पहले किसी हुई अदरक डालकर हल्का भूरा होने तक भूनें। अब इसमें पिसे हुए मसाले (मेथी, जीरा, राई) और हींग डालकर 30-40 सेकंड भूनें, जब तक खुशबू आने लगे।
अचार पकाना-तड़के में कटी हुई लाल मिर्च डालकर अच्छी तरह मिलाएं। नमक डालकर मध्यम आंच पर 4-5 मिनट तक मिर्चों को भूनें, ध्यान रहे मिर्चें ज्यादा नरम न हों। इस बीच, भीगी हुई इमली को हाथों से मसलकर गूदा निकाल लें और बीज अलग कर दें। कड़ाई में इमली का गूदा डालकर मिलाएं। अब गुड़ डालकर तब तक पकाएँ जब तक गुड़ पूरी तरह पिघल न जाए और अचार का मिश्रण गाढ़ा न हो जाए,सारी सामग्री अच्छी तरह मिल जाए तो गैस बंद कर दें।
स्टोर करना व परोसना-अचार के मिश्रण को पूरी तरह ठंडा होने दें,ठंडा होने के बाद किसी साफ, सूखे और एयरटाइट कांच के जार में भर लें। जार का ढक्कन कसकर बंद करके इसे 3-4 दिनों तक तेज धूप में रखें। रोज़ सुबह-शाम जार को हिला दें, ताकि तेल और मसाले ऊपर नीचे होते रहें। 4 दिन बाद अचार परोसने के लिए तैयार है। इसे साधारण भोजन, पराठे, दाल-चावल या किसी भी व्यंजन के साथ खाएं ।

अचार को सुरक्षित रखने के टिप्स व सावधानियां
अचार बनाते समय हाथ और बर्तन पूरी तरह सूखे होने चाहिए, नहीं तो अचार में फफूंद लग सकती है। स्वादानुसार गुड़ की मात्रा कम या ज्यादा कर सकते हैं। अचार को हमेशा धूप में रखें, इससे इसकी शेल्फ लाइफ बढ़ जाती है और स्वाद भी गहरा होता है,सरसों के तेल की जगह मूंगफली के तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
निष्कर्ष-लाल मिर्च का यह खट्टा-मीठा अचार न केवल आपकी रसोई का एक स्वादिष्ट अतिरिक्त है, बल्कि यह सेहत के लिए भी फायदेमंद है। इसमें मौजूद मेथी, जीरा और अदरक पाचन को दुरुस्त रखते हैं। थोड़ी मेहनत से तैयार यह अचार महीनों तक चलता है और हर भोजन के स्वाद को दोगुना कर देता है। तो इस बार अपने घर में इस पारंपरिक रेसिपी को आज़माएं और परिवार को एक नया स्वाद चखाएं।
