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Repo Rate बढ़ा तो महंगाई का क्या होगा? अब सरकार की बारी

RBI hikes repo rate; responsibility for curbing inflation now lies with the government.

RBI hikes repo rate; responsibility for curbing inflation now lies with the government.

भारतीय रिजर्व बैंक में महंगाई के बढ़ते दबाव के बीच RBI Repo Rate मैं 25 आधार की बढ़ोतरी कर दिया है। इसके बाद इसका रेट 5.50% हो गया है लेकिन अब सवाल यह है कि क्या ब्याज दर को बढ़ाने से ही महंगाई पर काबू पाया जा सकता है?अभी इस मौजूदा हालात में सरकार की भूमिका की बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।

आरबीआई ने रेपो रेट को क्यों बढ़ाया है?

7 अक्टूबर को हुए मौद्रिक नीति समिति की बैठक में RBI Repo Rate 5.25% से बढ़कर 5.50% करने का फैसला लिया है। केंद्रीय बैंक ने अपने नीतिगत प्लानिंग को भी कलाइब्रेटेड टाइटनिंग किया है। अगस्त में खुदरा महंगाई 4.82% थी जो आरबीआई के 4% के लक्ष्य के ऊपर बताई जा रही है। केंद्रीय बैंक में फाइनेंशियल ईयर 2026 से 2027 के लिए महंगाई का अनुमान बढ़ाकर 5.2% कर दिया है। तीसरी तिमाही में महंगाई 6% तक पहुंचाने का भी अनुमान बताए जा रहा है।

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सिर्फ ब्याज दर के बढ़ाने से महंगाई क्यों नहीं रुकेगी?

ब्याज दर का बढ़ जाना तब ज्यादातर असर वाला होता है जब महंगाई के कारण अर्थव्यवस्था में ज्यादा मांग दिखाई देती है। महंगी कर्ज से खर्च और निवेश की रफ्तार कम होती है जिससे मांग पर दबाव घटता जाता है। लेकिन मौजूदा स्थिति में महंगाई का एक बड़ा रिस्क आपूर्ति से भी जुड़ा हुआ बताया जा रहा है खाद्य किंमत ईंधन कमजोर मानसून संभावित एल नीनो और अंतरराष्ट्रीय कच्चे दिल की कीमत में बदलाव होना आदि जैसे कारण से महंगाई बढ़ती जा रही है। ऐसे मामलों में ब्याज दर बढ़ने से तुरंत खाद्य उत्पादन नहीं बढ़ जाता नहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता हो जाता है इसलिए मौद्रिक नीति की अपनी सीमाएं है।

अब सरकार की भूमिका इसमे क्यों अहम है?

महंगाई का दबाव अगर खाद्य और ईंधन की कीमतों में दिखाई देता है तो सरकार को आपूर्ति पक्ष पर काम करने की जरूरत होती है। जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता को बनाए रखना भंडारण और वितरण की व्यवस्था को मजबूत करना जरूरत पड़ने पर आयात से जुड़े फैसले लेना इसमें मदद करता है। ईंधन की कीमतों का असर केवल पेट्रोल और डीजल तक ही सीमित नहीं दिखाई देता है परिवहन लागत बढ़ने पर इसका खसरा खाद्य पदार्थ और दूसरी वस्तुओं पर भी देखने को मिलता है। यही कारण है कि आरबीआई जहां ब्याज दर और महंगाई की उम्मीदों को नियंत्रित करने की कोशिश करती है वहीं सरकार को आपूर्ति संबंधित दबाव कम करने पर भी ध्यान देने की जरूरत होतीहै।

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RBI Repo Rate बढ़ने से आम नागरिक पर क्या असर

आरबीआई के रेपो रेट बढ़ने से फ्लोटिंग बाजार रेट वाले कुछ कर्ज और भी महंगे हो सकते हैं इसका असर होम लोन गाड़ियों के लोन और दूसरे कर्ज की ईएमआई पर भी देखने को मिल सकता है।

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