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RBI की MPC मीटिंग शुरू, 5 अगस्त को आएगा ब्याज दरों पर फैसला

RBI Monetary Policy February 2026 Announcement

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति यानी MPC की 3 दिवसीय बैठक आज 3 अगस्त से शुरू हो गई है. इस बैठक में लिए गए अहम फैसलों का ऐलान RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा 5 अगस्त को करेंगे.

होम लोन और दूसरी EMI देने वालों की नजरें इस बार भी रेपो रेट पर टिकी हैं. अनुमान लगाया जा रहा है कि RBI इस बार भी रेपो रेट में कोई बदलाव न करे और इसे 5.25% पर ही बरकरार रखे.

क्या घटेगा-बढ़ेगा रेपो रेट?

ज्यादातर अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अगस्त वाली MPC बैठक में ब्याज दरों को यथावत रखा जाएगा. लेकिन अगर आगे चलकर महंगाई बढ़ती है या कच्चे तेल के दाम ऊंचे रहते हैं, तो साल के अंत तक ब्याज दरें बढ़ भी सकती हैं.

कुछ एक्सपर्ट का कहना है कि दिसंबर की बैठक में RBI 0.25% यानी 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर सकता है.

फिलहाल RBI का फोकस दूसरे देशों की तुलना में भारत की महंगाई दर, GDP ग्रोथ और बाजार में पैसों की तरलता पर ज्यादा रहेगा. अगर घरेलू आंकड़े ठीक-ठाक रहते हैं तो RBI अभी दरों में छेड़छाड़ नहीं करेगा.

तेल के दाम और महंगाई का असर

पिछले कुछ दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया है. अगर आने वाले महीनों में तेल महंगा बना रहा तो महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में RBI को आगे ब्याज दरें बढ़ाने के बारे में सोचना पड़ सकता है. अभी एक्सपर्ट्स का मानना है कि स्थिति काबू में है और फौरन कोई कड़ा कदम नहीं उठाया जाएगा.

अमेरिकी फेड का भी असर

अमेरिका का केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व अभी भी सख्त रवैया अपनाए हुए है. इसकी वजह से ग्लोबल मार्केट पर असर दिख रहा है. अगर अमेरिका में ब्याज दरें ऊंची रहीं तो विदेशी निवेशक भारतीय बॉन्ड मार्केट से थोड़ा दूर हो सकते हैं.
हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि RBI पहले देश की जरूरत देखेगा और सिर्फ विदेशी हालात देखकर जल्दी में कोई फैसला नहीं लेगा.

5 अगस्त को RBI के ऐलान के बाद ही साफ होगा कि EMI सस्ती होगी या नहीं. अभी के संकेत हैं कि रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रह सकता है.

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