Rashtra Prerna Sthal : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लखनऊ में बने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन किया। यह स्थल उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बनाया गया है और इसमें देश के महान नेताओं की प्रतिमाएं लगी हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमाओं का अनावरण किया।
राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर किया गया। इस समारोह के लिए व्यापक तैयारियां की गई थीं। प्रतिमाओं के अनावरण के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां एक जनसभा को संबोधित किया।
पीएम मोदी ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का किया लोकार्पण
पीएम मोदी ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित किए। इस राष्ट्र प्रेरणा स्थल में संघ से जुड़े तीन भाजपा नेता- श्यामा प्रसाद मुखर्जी, अटल बिहारी वाजपेयी और दीनदयाल उपाध्याय की मूर्तियां स्थापित की गई हैं। ये तीनों नेता ब्राह्मण जाति से हैं और भारतीय राजनीति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए जाने जाते हैं। इन मूर्तियों का स्थापना स्थल इस प्रक्रिया के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को भी दर्शाता है, और यह दिखाता है कि इस स्थल को उनके आदर्शों और विचारधाराओं के प्रतीक के रूप में संजोया गया है।
230 करोड़ रुपये खर्च कर बना राष्ट्र प्रेरणा स्थल
लखनऊ में वसंत कुंज में स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल का निर्माण 230 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है। इस दौरान उन्होंने इसके बाद, वे कुछ ही देर में इस स्थल पर पहुंचेंगे, जहां वे एक खास डॉक्युमेंट्री देखेंगे और फिर जनता को संबोधित करेंगे। लखनऊ के कई प्रमुख चौराहों पर उनके भाषण को लाइव दिखाने के लिए एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई हैं। राष्ट्र प्रेरणा स्थल का क्षेत्रफल लगभग 65 एकड़ है और इसकी निर्माण लागत करीब 230 करोड़ रुपये है।
पहले कूड़े का ढेर था राष्ट्र प्रेरणा स्थल
जिस जगह पर यह राष्ट्र प्रेरणा स्थल बना है, वहां पहले एक कूड़े का ढेर हुआ करता था, जहां लोग आने से भी कतराते थे। आईआईएम रोड के घैला इलाके में कभी कूड़ा-करकट का ढेर था, जिससे आसपास की गोमती नदी दूषित हो रही थी और जमीन जहरीली हो चुकी थी। लखनऊ नगर निगम ने इस क्षेत्र को साफ-सुथरा बनाने का बीड़ा उठाया था। इसके लिए उन्होंने छह वर्षों में कूड़े के ढेर को हटाने और जमीन को उपजाऊ बनाने का कार्य किया। इस चुनौती को स्वीकार कर, अफसरों ने कूड़े को शिवरी में शिफ्ट करने का ब्लूप्रिंट तैयार किया। भूमि को उपजाऊ बनाने में छह साल का समय लगा। जब जमीन पहले जैसी उपजाऊ हो गई, तो इसे लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को सौंप दिया गया।
कूड़े को समतल करने का काम लगभग छह साल चला, जिसमें करीब 13 करोड़ रुपये खर्च हुए। इस प्रक्रिया में लिगेसी वेस्ट को हटाने और जमीन को ठीक करने के लिए एक विशेष एजेंसी ने डेढ़ साल का समय लिया। फिर, एलडीए ने तीन साल में इस पूरे इलाके को एक भव्य राष्ट्र प्रेरणा स्थल के रूप में विकसित किया। अब यह क्षेत्र पूरी तरह से साफ-सुथरा और विकसित हो चुका है, जो देशभक्ति और प्रेरणा का प्रतीक बन गया है।
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