Ramayana OTT Rights/ Varanasi OTT Rights: भारतीय सिनेमा की दो सबसे सबसे चर्चित और मोस्ट अवेटेड फिल्में ‘रामायण’ (Ramayana) और ‘वाराणसी’ (Varanasi) इन दिनों अपने कंटेंट या शूटिंग की वजह से नहीं, बल्कि OTT राइट्स को लेकर सुर्खियों में हैं। दोनों फिल्मों को लेकर दावा किया जा रहा है कि इनके मेकर्स डिजिटल राइट्स (Ramayana Digital Rights) के बदले करीब 1000 करोड़ रुपए तक की रकम चाहते हैं। लेकिन अब तक कोई OTT प्लेटफॉर्म इस कीमत पर सौदा करने के लिए तैयार नहीं हुआ है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘रामायण’ के निर्माता नमित मल्होत्रा (Namit Malhotra) को नेटफ्लिक्स की ओर से दोनों पार्ट्स के डिजिटल राइट्स के लिए लगभग 700 करोड़ रुपए का ऑफर मिला था। हालांकि मेकर्स ने यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। इसी तरह ‘वाराणसी’ (Varanasi Digital Rights) के लिए करीब 650 करोड़ रुपए की पेशकश होने की चर्चा रही, लेकिन उस डील को भी मंजूरी नहीं मिली।
दरअसल, दोनों फिल्में अपने विशाल स्केल, बड़े बजट, स्टारकास्ट और अंतरराष्ट्रीय अपील की वजह से पहले से ही चर्चा में हैं। ‘रामायण’ भारतीय संस्कृति और पौराणिक कथा पर आधारित एक मेगा प्रोजेक्ट है, जबकि ‘वाराणसी’ को भी भारतीय इतिहास और संस्कृति से जुड़ी महत्वाकांक्षी फिल्म माना जा रहा है।
मगर OTT प्लेटफॉर्म्स का नजरिया थोड़ा अलग है। डिजिटल कंपनियां सिर्फ स्टार पावर या हाइप के आधार पर हजारों करोड़ का दांव लगाने के बजाय संभावित व्यूअरशिप, सब्सक्रिप्शन ग्रोथ और रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट को प्राथमिकता देती हैं। यही वजह है कि दोनों फिल्मों के राइट्स को लेकर बातचीत अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।
फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि यहां टकराव मेकर्स की महत्वाकांक्षी वैल्यूएशन और OTT कंपनियों की व्यावहारिक सोच के बीच है। मेकर्स को भरोसा है कि ये फिल्में भारतीय सिनेमा के लिए नए रिकॉर्ड बना सकती हैं, जबकि प्लेटफॉर्म्स इतने बड़े निवेश से पहले ठोस कारोबारी गणित देखना चाहते हैं।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या ‘रामायण’ और ‘वाराणसी’ अपने थिएटर रिलीज के बाद OTT मार्केट की सोच बदल पाएंगी, या फिर मेकर्स को अपनी कीमतों में नरमी दिखानी पड़ेगी। फिलहाल दोनों फिल्में भारतीय सिनेमा के सबसे महंगे और सबसे ज्यादा चर्चा वाले अनसोल्ड OTT प्रोजेक्ट्स बनी हुई हैं।

