अगर आपको लग रहा है कि पिछले कुछ समय में स्मार्टफोन पहले से ज्यादा महंगे हो गए हैं, तो इसकी एक बड़ी वजह RAM और मेमोरी चिप की बढ़ती कीमतें हैं। कंपनियों का कहना है कि जरूरी पार्ट्स महंगे होने से अब सस्ते स्मार्टफोन बनाना और उन पर मुनाफा कमाना मुश्किल हो गया है।
RAM क्या है और क्यों है जरूरी?
RAM यानी रैंडम एक्सेस मेमोरी किसी भी स्मार्टफोन या कंप्यूटर का अहम हिस्सा होती है। यह प्रोसेसर को जरूरी डेटा तक तेजी से पहुंचने में मदद करती है। आसान भाषा में कहें तो RAM जितनी ज्यादा होगी, फोन उतनी आसानी से एक साथ कई ऐप्स चला पाएगा और उसकी परफॉर्मेंस बेहतर होगी।
बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में RAM की कीमतों में काफी तेजी आई है। उदाहरण के तौर पर, 32GB DDR5-4800 मेमोरी किट की कीमत जो पहले 100 डॉलर से कम थी, अब काफी बढ़ चुकी है। इसका सीधा असर कंप्यूटर और स्मार्टफोन की लागत पर पड़ रहा है।
AI की बढ़ती मांग ने बढ़ाई मुश्किल
विशेषज्ञों के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से मेमोरी चिप की मांग तेजी से बढ़ी है। बड़े AI मॉडल को चलाने और ट्रेन करने के लिए भारी मात्रा में हाई-परफॉर्मेंस मेमोरी और GPU की जरूरत होती है।
डेटा सेंटर को मिल रही प्राथमिकता
AI कंपनियां बड़े पैमाने पर मेमोरी चिप खरीद रही हैं। ऐसे में चिप बनाने वाली कंपनियां अपने उत्पादन का बड़ा हिस्सा डेटा सेंटर और AI प्रोजेक्ट्स को दे रही हैं। इससे स्मार्टफोन और कंप्यूटर के लिए उपलब्ध मेमोरी चिप की सप्लाई कम हो रही है, जिसके कारण कीमतें बढ़ रही हैं।
दुनिया की कुछ कंपनियों पर निर्भर है बाजार
दुनिया की ज्यादातर RAM चिप Samsung, SK Hynix और Micron जैसी कंपनियां बनाती हैं। ये कंपनियां उन्नत सेमीकंडक्टर तकनीक का इस्तेमाल करके मेमोरी चिप तैयार करती हैं। उत्पादन सीमित होने और मांग बढ़ने के कारण RAM की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
RAM महंगी होने का असर अब सीधे ग्राहकों पर दिख रहा है। ज्यादा RAM वाले स्मार्टफोन और लैपटॉप पहले की तुलना में महंगे हो गए हैं, जबकि कई बजट स्मार्टफोन बाजार में कम उपलब्ध दिखाई दे रहे हैं। आने वाले समय में भी कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।

