राम मंदिर चढ़ावा चोरी : अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी के मामले में उत्तर प्रदेश में सियासी तापमान बढ़ता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में गिरफ्तार आरोपी टिन्नू यादव से संपर्क होने का दावा करते हुए समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं के खिलाफ जांच की मांग की है।
अखिलेश यादव से टिन्नू यादव की फोन पर हुई थी बात – भाजपा
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने बताया कि राम जन्मभूमि मंदिर गबन मामले के आरोपी रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव ने कई बार अखिलेश यादव से फोन पर बात की थी। उन्होंने कहा, “समाजवादी पार्टी की सच्चाई धीरे-धीरे सामने आ रही है। यह भी पता चला है कि टिन्नू यादव की अखिलेश यादव से बातचीत हुई थी। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, सच्चाई सामने आएगी।” अजय आलोक ने कहा कि इस मामले में कई और तथ्य सामने आने हैं। उन्होंने कहा, “इस मामले की परतें धीरे-धीरे खुलेंगी। समाजवादी पार्टी पहले भी संतों और महात्माओं के विरोध में खड़ी रही है, आगे भी नहीं झेल पाएगी।”
दिग्विजय सिंह भगवान राम के सबसे बड़े विरोधी हैं – बीजेपी
BJP नेता ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह भगवान राम के सबसे बड़े विरोधी हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा था कि वह राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में अनियमितताओं को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
दिग्विजय सिंह का दान वापस मांगना शर्म की बात- भाजपा
दिग्विजय सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अजय आलोक ने कहा, “उन्हें शर्म आनी चाहिए कि वे राम मंदिर के लिए दिए गए दान की रकम वापस मांग रहे हैं। पहले वह दान की रसीद दिखाएं और उसे सार्वजनिक करें। फिर राम मंदिर ट्रस्ट ब्याज सहित पैसा वापस कर देगा।” दिग्विजय सिंह ने बताया कि वह सनातन परंपरा का पालन करते हैं। उन्होंने कहा, “मैंने नर्मदा परिक्रमा की है और धार्मिक अनुष्ठान नियमित रूप से करता हूं।”
VHP ने प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं पर उठाए सवाल
विभिन्न नेताओं की राम जन्मभूमि मामले में कथित बयानबाजी को लेकर वि.हि.पि. ने चिंता जताई है। आलोक कुमार, VHP के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष, ने जांच अधिकारी को पत्र लिखकर प्रियंका गांधी वाड्रा, रामगोपाल यादव, अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह जैसे नेताओं से पूछताछ करने की मांग की है। आरोप पत्र में कहा गया है कि इन नेताओं ने राम मंदिर के चंदे में 20,000 करोड़ रुपये तक की अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। कुछ बयानों में मंदिर से जुड़े लोगों पर करोड़ों रुपये के गबन और जमीन खरीद में गड़बड़ी के भी आरोप लगाए गए हैं।
विपक्षी नेताओं के आरोपों की जांच के लिए अगर उनके पास कोई विश्वसनीय सबूत होते हैं, तो उससे सच्चाई का पता लगाने में मदद मिलेगी। वीएचपी ने सोशल मीडिया पर भी लिखा है कि यदि आरोप लगाने वाले नेताओं के पास कोई सबूत हैं, तो वह जांच में मदद करेंगे।

