Tejas Mk1A: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने आज, 17 अक्टूबर 2025 को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के नासिक डिवीजन में Tejas Mk1A फाइटर जेट (Tejas Mk1A Launch) का औपचारिक शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने नासिक में Tejas Mk1A और HTT-40 ट्रेनर एयरक्राफ्ट के तीसरे प्रोडक्शन लाइन का भी उद्घाटन किया। यह आयोजन भारतीय वायु सेना (IAF) की स्वदेशी ताकत को बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर है। राजनाथ ने वादा किया कि HAL 2026 तक IAF को 40 Tejas Mk1A जेट की डिलीवरी पूरी कर देगी, जो देश की हवाई सुरक्षा को मजबूत करेगा। मौके पर उन्होंने HAL की ‘मिनी स्मार्ट टाउनशिप’ प्रोजेक्ट का भी उद्घाटन किया, जो सस्टेनेबल डेवलपमेंट का मॉडल पेश करता है।
Tejas Mk1A का शुभारंभ
रक्षा मंत्री ने Tejas Mk1A के पहले प्रोडक्शन मॉडल का निरीक्षण किया, जो IAF के लिए एक उन्नत मल्टी-रोल फाइटर जेट है। इस जेट में एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स कंट्रीब्यूटेड एयरक्राफ्ट (AECA) रडार, उन्नत एवियोनिक्स, और इजरायली एलटा EL/M-2052 AESA रडार (Israeli ELTA AESA Radar) जैसे फीचर्स हैं। HAL के चेयरमैन सी.बी. अनंतकृष्णन ने बताया कि नासिक की नई प्रोडक्शन लाइन से सालाना 16 Tejas Mk1A जेट बनाने का लक्ष्य है। राजनाथ ने कहा, “2026 तक 40 जेट IAF को सौंपे जाएंगे, और 2032-33 तक 180 जेट की डिलीवरी का लक्ष्य पूरा होगा।” इस प्रोजेक्ट में 8,000 करोड़ रुपये का निवेश है, जो ‘मेक इन इंडिया’ (Make in India Defense) को बढ़ावा देगा।
नई प्रोडक्शन लाइन और स्मार्ट टाउनशिप
रक्षा मंत्री ने नासिक में Tejas Mk1A और HTT-40 ट्रेनर एयरक्राफ्ट के तीसरे प्रोडक्शन लाइन का उद्घाटन किया। इससे पहले की दो लाइनें बेंगलुरु में हैं। नई सुविधा से उत्पादन क्षमता दोगुनी हो जाएगी। इसके साथ ही ‘मिनी स्मार्ट टाउनशिप’ प्रोजेक्ट का शुभारंभ हुआ, जो HAL कर्मचारियों के लिए हरित और सस्टेनेबल लिविंग (Sustainable Living HAL) का मॉडल है। राजनाथ ने कहा, “यह टाउनशिप सस्टेनेबल डेवलपमेंट की मिसाल है, जो अन्य उद्योगों के लिए प्रेरणा बनेगी।”
IAF के लिए महत्व: स्वदेशी ताकत बढ़ाने का कदम
Tejas Mk1A IAF के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है, जो पुराने MiG-21 और MiG-29 को रिप्लेस करेगा। इस जेट में हाई-परफॉर्मेंस डिजिटल फ्लाइट कंट्रोल कंप्यूटर (DFCC Mk1A) और नया EW सूट (Electronic Warfare Suite) है। HAL ने कहा कि कुछ जेट में स्वदेशी उत्तरम AESA रडार (Uttam AESA Radar) भी होगा। राजनाथ ने IAF की ताकत बढ़ाने के लिए HAL को बधाई दी और कहा, “यह आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार कर रहा है।”
