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MP: मैहर में PWD की लापरवाही, सड़क निर्माण से घर-दुकानों में पानी, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

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MP/Maihar News: PWD ने शहर के बीचों-बीच 4 किलोमीटर लंबी सड़क को एक फीट तक ऊंचा कर दिया है, जिससे बारिश का पानी घरों और दुकानों में भर रहा है। इससे लोगों को आवागमन में भी दिक्कत हो रही है। इस मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई, जिसकी सुनवाई 9 सितंबर 2025 को चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने की।

MP News: मध्यप्रदेश के मैहर में लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यशैली से स्थानीय लोग परेशान हैं। PWD ने शहर के बीचों-बीच 4 किलोमीटर लंबी सड़क को एक फीट तक ऊंचा कर दिया है, जिससे बारिश का पानी घरों और दुकानों में भर रहा है। इससे लोगों को आवागमन में भी दिक्कत हो रही है। इस मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई, जिसकी सुनवाई 9 सितंबर 2025 को चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने की। कोर्ट ने PWD, मैहर नगर पालिका और ठेकेदारों से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 24 सितंबर 2025 को होगी।

एक फीट ऊंची सड़क से परेशानी

Maihar PWD News: मैहर बस स्टैंड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के मनीष पटेल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उनके अधिवक्ता जयंत कुमार पटेल ने बताया कि मां शारदा मंदिर के रोप-वे से घंटाघर तक 4 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो रहा है, जो अलाउद्दीन चौराहे और कलेक्ट्रेट से होकर गुजरती है। सड़क की ऊंचाई एक फीट बढ़ने से रहवासियों को भारी परेशानी हो रही है। बारिश में पानी घरों और दुकानों में घुस रहा है, और ऊंची सड़क के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।

सड़क निर्माण में अनियमितताओं का आरोप

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में भारी अनियमितताएं हो रही हैं। यह सड़क पहले दो बार बन चुकी है, लेकिन बारिश में स्थिति और खराब हो जाती है। पुरानी सड़क को तोड़े बिना उस पर नया निर्माण किया जा रहा है, जो तीसरी बार हो रहा है। याचिका में कहा गया कि PWD और ठेकेदार बिना आधार के काम कर रहे हैं, और निर्माण सामग्री बिछाकर केवल खानापूर्ति की जा रही है।

हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी

चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की बेंच ने सुनवाई के दौरान नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा, “यह आश्चर्यजनक है कि एक ही सड़क पर तीन बार निर्माण क्यों हो रहा है? क्या इस सड़क पर भारी वाहनों का आवागमन है? सड़क की ऊंचाई एक फीट बढ़ाने की क्या जरूरत थी? इससे घर और दुकानें पानी में डूब रहे हैं।” बेंच ने पूछा कि इस डिजाइन को किसने मंजूरी दी। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि जबलपुर में भी सड़कों की ऊंचाई बढ़ने से ऐसी ही समस्याएं देखने को मिल रही हैं।

जवाबदेही तय करने का आदेश

हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव निर्माण भवन, प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन विभाग, इंजीनियर-इन-चीफ PWD, ईई PWD सतना, SDO PWD मैहर, कलेक्टर मैहर, नगर पालिका मैहर और ठेकेदार संजय सिंह को पक्षकार बनाया है। कोर्ट ने सभी से जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर 2025 को निर्धारित की है।

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