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Putin से मिलना चाहते हैं Rahul Gandhi, मगर PM Modi को मंजूर नहीं?

Rahul Gandhi Meeting Request With Putin PM Modi Approval IssueRahul Gandhi Meeting Request With Putin PM Modi Approval Issue

Rahul Gandhi की Putin से मुलाकात पर रिपोर्ट—PM मंजूरी पर सवाल

राजनीति का मौसम हमेशा गरम रहता है, लेकिन पुतिन के भारत दौरे {Putin India Visit} से ठीक पहले राहुल गांधी ने ऐसा ‘बम’ फोड़ा कि संसद के गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हंगामा मच गया! लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर सीधा इल्जाम लगाया ‘सरकार विदेशी डेलिगेशन्स को LoP से मिलने ही नहीं देती!’ (Rahul Gandhi Foreign Delegation Accusation) राहुल का कहना है कि ये कोई संयोग नहीं, बल्कि ‘ट्रेडीशनल प्रोटोकॉल’ को तोड़ने की साजिश है। क्या ये विपक्ष को ‘साइलेंट मोड’ में रखने का नया तरीका है? या फिर पुतिन जैसे मेहमानों को सिर्फ ‘मोदी स्पेशल’ रखने का प्लान? आइए, इस पॉलिटिकल ड्रामे की पूरी स्क्रिप्ट डिकोड करते हैं

राहुल ने गुरुवार (4 दिसंबर 2025) को लोकसभा के बाहर बोलते हुए कहा, “नेता विपक्ष एक दूसरा नजरिया देता है। हिंदुस्तान का हम भी प्रतिनिधित्व करते हैं। सिर्फ सरकार ही प्रतिनिधित्व नहीं करती है। लेकिन सरकार नहीं चाहती है कि लीडर ऑफ अपोजिशन बाहर के लोगों से मिले।” (Rahul Gandhi LoP Tradition) उनका तर्क सीधा – LoP का विदेशी मेहमानों से मिलना पुरानी परंपरा है, जो अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर मनमोहन सिंह तक चली आ रही है। लेकिन मोदी सरकार? “बाहर से आने वाले डेलीगेशन के साथ LOP की मीटिंग होती है – ये ट्रेडीशन है, हमेशा से होता आया है। लेकिन मोदी सरकार बाहर से आने वाले डेलिगेट्स से कहती है कि LoP से न मिलें। ये हर बार किया जा रहा है।” राहुल ने सवाल दागा, “हिंदुस्तान का प्रतिनिधित्व सिर्फ सरकार नहीं, विपक्ष भी करता है,

ये आरोप पुतिन के दो दिवसीय भारत दौरे (4-5 दिसंबर 2025) से महज कुछ घंटे पहले आया, जब रूसी राष्ट्रपति राजघाट से हैदराबाद हाउस तक का रूट फॉलो कर रहे थे। (Putin India Visit 2025) राहुल का इशारा साफ – क्या पुतिन जैसे ‘स्पेशल गेस्ट’ को भी LoP से दूर रखा जाएगा? ये सिर्फ रूस तक सीमित नहीं; राहुल ने कहा कि विदेश मंत्रालय (MEA) हर बार ‘ऑर्डर’ देता है कि डेलिगेट्स विपक्ष से ‘डिस्टेंस’ रखें। विपक्षी दलों ने इसे ‘डेमोक्रेसी पर हमला’ करार दिया, जबकि BJP ने इसे ‘राहुल का ड्रामा’ बता दिया।

राहुल सीरियस नहीं, विदेश जाकर ही भारत को कोसते हैं!’

केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे (BJP) ने तुरंत काउंटर मारा। उन्होंने राहुल को ‘पॉलिटिक्स से अनसिरियस’ ठहराते हुए कहा, “राहुल गांधी पॉलिटिक्स को लेकर के सीरियस नहीं हैं। आज तक बता दीजिए की कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति विदेश जाकर के भारत को कोसता हो। पर राहुल गांधी विदेशी धरती पर हमेशा भारत को कोसते रहते हैं।” (Satish Chandra Dubey Response) दुबे का तंज साफ – राहुल को ‘फॉरेन क्रिटिक’ बता रहे हैं, जो खुद विदेश घूम-घूमकर मोदी सरकार की ‘बदनामी’ करते हैं। BJP के अंदरूनी सोर्सेज कहते हैं कि ये आरोप ‘इलेक्शन स्टंट’ है, क्योंकि LoP को प्रोटोकॉल के तहत ही मीटिंग्स मिलती हैं, लेकिन ‘सेंसिटिव’ विजिट्स में सिक्योरिटी वजहों से रिस्ट्रिक्शन्स लग सकती हैं।

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