रीवा जिले की लालगांव तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम रोझौही में प्रस्तावित टाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी उत्साह और समर्थन देखने को मिल रहा है। प्लांट के विरोध की अफवाहों और अवरोधों के बीच ग्रामीणों ने एकजुट होकर इसके समर्थन में एक भव्य जन जागरण यात्रा निकाली। इस यात्रा में रोझौही सहित आसपास के कई गांवों से 300 से 400 की संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
नारों से गूंजा इलाका, हाथों में तख्तियां लेकर जताया समर्थन
जन जागरण यात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र “टाटा पावर प्लांट वरदान है” और “विकास चाहिए, अफवाह नहीं” जैसे नारों से गूंज उठा। ग्रामीण हाथों में समर्थन की तख्तियां लेकर गांव की गलियों में घूमे और स्थानीय लोगों को इस महत्वपूर्ण परियोजना के फायदों के प्रति जागरूक किया।
ग्रामीणों ने बताया भविष्य की नींव
यात्रा में शामिल ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि टाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट इस क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उनका मानना है कि इस प्लांट के लगने से इलाके में रोजगार के बहार आएंगे, जिससे युवाओं को काम की तलाश में पलायन नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत बुनियादी सुविधाओं का अभूतपूर्व विकास होगा।
बाहरी तत्वों और अफवाह फैलाने वालों पर फूटा गुस्सा
ग्रामीणों ने स्पष्ट आरोप लगाया कि कुछ बाहरी तत्व और अवांछित लोग गांव में आकर भ्रामक और झूठी बातें फैला रहे हैं। भोली-भाली जनता को डरा-धमकाकर वे इस विकास परियोजना को रोकना चाहते हैं। आज निकाली गई इस जन जागरण यात्रा के माध्यम से ग्रामीणों ने ऐसी सभी अफवाहों का खुलकर खंडन किया है।
शासन-प्रशासन के समक्ष रखी गईं दो प्रमुख मांगें
इस दौरान ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन के सामने अपनी दो मुख्य मांगें रखी हैं:
- कार्य शीघ्र शुरू कराया जाए: परियोजना में जानबूझकर अड़ंगा लगाने वाले तत्वों पर रोक लगाई जाए और निर्माण कार्य अविलंब प्रारंभ किया जाए।
- कड़ी कार्रवाई हो: गांव-गांव जाकर झूठी जानकारी फैलाकर जनता को बरगलाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
“जान भी देनी पड़ी तो पीछे नहीं हटेंगे”
अपनी आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर ग्रामीण काफी भावुक नजर आए। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा, “यह प्लांट हमारी पीढ़ियों का भविष्य है। इसे लगवाने के लिए अगर हमें अपनी जान भी देनी पड़ी, तो हम पीछे नहीं हटेंगे। हम अपने गांव का विकास किसी भी कीमत पर रुकने नहीं देंगे।” यात्रा के समापन पर सभी ग्रामीणों ने पूर्ण एकजुटता का संकल्प लिया और कहा कि वे अपनी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को हर हाल में पूरा करवाकर रहेंगे।

