नईदिल्ली। सोमवार को संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ। जिसमें सरकार ने लोक परीक्षा संशोधन बिल को सदन में पेश किया है। यह बिल पेपर लीक से जुड़ा हुआ है। केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने लोक परीक्षा संशोधन बिल को सदन में प्रस्तुत किए है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर विपक्ष से सदन में चर्चा की अपील की। उन्होंने कहा कि देशभर के छात्रों की चिंताओं को देखते हुए यह महत्वपूर्ण विधेयक लोकसभा में पेश किया जा रहा है।
मोदी-शाह छात्रों से मांगें माफी
संसद में प्रस्तुत किए गए बिल के बीच ही विपक्ष के लोग विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिए। वे लगातार मांग उठाते रहे कि प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री छात्रों से माफी मांगें के नारे लगाते रहे। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। इससे सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होने के 5 मिनट के भीतर ही दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित हो गई।
धर्मेंद्र प्रधान का स्वागत
पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोमवार को जब वे संसद पहुंचे। तो एनडीए सांसदों ने उन्हें शॉल और मिथिला पाग पहनाकर सम्मानित किया और संसद भवन के अंदर तक ले गए। सदन के बाहर और अंदर कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी पार्टियां सरकार से नीट पेपर लीक और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब की मांग कर रही है।
परीक्षा प्रणाली में सुधार बिल में मंत्री ने दी जानकारी
किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए अहम फैसले लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा सुधारों को लेकर टास्क फोर्स का गठन किया गया है और ऐसी व्यवस्था बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में पेपर लीक में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी और समयबद्ध सजा का प्रावधान किया गया है।

