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Protest Against Gyanesh Kumar : केरल की 20 साल पुरानी फ़ाइल से फंसे ज्ञानेश कुमार, हो सकती है 10 साल की सजा 

Gyanesh Kumar SIR Case

Protest Against Gyanesh Kumar : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में गड़बड़ी, वोट चोरी और एकतरफा फैसले, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ऐसे कई आरोप लगते रहे हैं। अब विरोध प्रदर्शन इस्तीफे की मांग तक पहुंच गए हैं। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के साथ, पांच महीने पहले बनी कॉकरोच जनता पार्टी भी सड़कों पर उतर आई है। प्रदर्शनकारी ज्ञानेश कुमार को लोकतंत्र के लिए खतरा बता रहे हैं।

कांग्रेस 2024 के लोकसभा चुनाव से ही ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरी और बीजेपी के इशारे पर फैसले लेने के आरोप लगाती रही है। लेकिन हाल में केरल में 20 साल पुराने एक कथित भ्रष्टाचार मामले की जांच दोबारा शुरू होने के बाद विवाद और तेज हो गया है। केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मामले में विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं।

2006 के मामले में क्या हैं आरोप?

क्या मुख्य चुनाव आयुक्त की कुर्सी वाकई ज्ञानेश कुमार के लिए खतरे में है? इसका जवाब जानने से पहले समझते हैं कि केरल की इस पुरानी फाइल में क्या है और इसे दोबारा खोले जाने पर विरोध क्यों बढ़ा है।

यह मामला 2006 का है, जब ज्ञानेश कुमार केरल के लोक निर्माण विभाग यानी PWD के सचिव थे। आरोप है कि केरल राज्य परिवहन परियोजना के तहत सड़क निर्माण के काम में अनियमितताएं हुईं। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी CAG की रिपोर्ट में कथित तौर पर बिना उचित ऑडिट के एक निर्माण कंपनी को अग्रिम भुगतान किए जाने पर सवाल उठाए गए थे। इससे राज्य के खजाने को करीब 92 करोड़ रुपये का नुकसान होने का आरोप है।

ज्ञानेश कुमार पर यह आरोप भी लगाया गया है कि काम का भुगतान जारी करने के बदले ठेकेदारों से रिश्वत मांगी गई थी। अब प्रस्तावित विजिलेंस जांच में इन कथित अनियमितताओं और उस समय संबंधित अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी।

ली सी बीन की आत्महत्या से जुड़ा पहलू

इस मामले का एक और गंभीर पहलू मलेशियाई सिविल इंजीनियर ली सी बीन की आत्महत्या से जुड़ा है। ली सी बीन सड़क परियोजना पर काम कर रही PATI-BEL कंपनी से जुड़े थे। दावा किया गया है कि उनके सुसाइड नोट में तत्कालीन PWD सचिव ज्ञानेश कुमार और कुछ अन्य अधिकारियों के नाम थे। यह आरोप भी लगाया गया कि उस समय उनके प्रभाव के चलते जांच रुकवा दी गई थी।

ये सभी आरोप हैं, जिनकी जांच और सबूतों के आधार पर पुष्टि होनी बाकी है। अगर आरोप साबित होते हैं, तो ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ना पड़ सकता है और उन्हें सजा भी हो सकती है।

विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार से मांगा इस्तीफा

केरल सरकार की ओर से जांच के आदेश दिए जाने के बाद कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। अभिजीत दीपके के नेतृत्व में कॉकरोच जनता पार्टी भी उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रही है।

कांग्रेस और CJP का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार ने मुख्य चुनाव आयुक्त के पद का इस्तेमाल करते हुए SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी की और बिना सूचना या पारदर्शिता के लाखों वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटवाए। विपक्ष का यह भी आरोप है कि वह केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं। इसी आधार पर विपक्षी दल उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

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