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Raksha Bandhan पर महंगाई की मार, हैरान कर देंगे मिठाई और फलों के दाम

Raksha BandhanRaksha Bandhan

Raksha Bandhan

Raksha Bandhan: रक्षाबंधन के पावन अवसर पर रीवा जिले के बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिली। शहर के मुख्य बाजार पूरी तरह से गुलजार रहे, जहां राखी, मिठाई और फलों की दुकानों पर सुबह से लेकर शाम तक लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं। रंग-बिरंगी राखियों, मिठाइयों की मिठास और फलों की ताजगी ने बाजारों को त्योहारी उत्साह से भर दिया। हालांकि, इस बार महंगाई ने लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाला है, जिससे त्योहार की चमक कुछ हद तक प्रभावित हुई।

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त्योहारी सीजन के दौरान मांग में उछाल

दुकानदारों ने कीमतों में बढ़ोतरी का कारण त्योहारी सीजन के दौरान मांग में उछाल और आपूर्ति की लागत को बताया। बाजार में मिठाइयों की कीमतें 500 रुपये प्रति किलो से शुरू हो रही हैं, जिसमें रसगुल्ला, गुलाब जामुन और लड्डू जैसी पारंपरिक मिठाइयां शामिल हैं। फलों की कीमतों में भी खासी बढ़ोतरी देखी गई। पहले 50 रुपये प्रति दर्जन में बिकने वाला केला अब 80 रुपये तक पहुंच गया है, जबकि सेब के दाम 200 रुपये प्रति किलो से अधिक हो गए हैं। अन्य फलों जैसे अनार और अंगूर की कीमतों में भी इजाफा हुआ है, जिससे खरीदारी के दौरान लोग महंगाई की मार से परेशान दिखे।

कीमतों में बढ़ोतरी ने बजट को प्रभावित किया

स्थानीय लोगों ने बताया कि हर साल रक्षाबंधन पर बाजारों में रौनक रहती है, लेकिन इस बार कीमतों में बढ़ोतरी ने बजट को प्रभावित किया है। फिर भी, बहनों के लिए राखी और भाइयों के लिए मिठाई-फल खरीदने का उत्साह कम नहीं हुआ। दुकानदारों ने कहा कि त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने से कीमतों में उछाल स्वाभाविक है, लेकिन ग्राहकों की भीड़ से व्यापार में तेजी आई है।बाजारों में राखी की दुकानों पर भी खासा उत्साह देखा गया।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से की नियंत्रण की मांग

रंग-बिरंगी राखियों के साथ डिजाइनर और हैंडमेड राखियां भी लोगों को खूब लुभा रही हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर आयु वर्ग के लोग बाजारों में खरीदारी के लिए उत्साहित दिखे। इसके बावजूद, महंगाई के कारण कुछ लोग सीमित बजट में खरीदारी करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि त्योहारी सीजन में कीमतों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। फिर भी, रक्षाबंधन के इस पर्व ने रीवा के बाजारों को उत्सव के रंग में रंग दिया, और लोग अपने परिवारों के साथ इस पर्व को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाने की तैयारी में जुटे हैं।

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