Preparations underway to render many families homeless in Mauganj: मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की नईगढ़ी तहसील के डिहिया गांव में प्रशासन की प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जबलपुर हाईकोर्ट में जमीन विवाद का मामला लंबित होने के बावजूद प्रशासन छह रिहायशी मकानों को गिराने की तैयारी कर रहा है। इससे करीब 40 लोग बेघर होने के कगार पर पहुंच जाएंगे।
गुरुवार शाम करीब 4 बजे बड़ी संख्या में डिहिया गांव के ग्रामीण मऊगंज कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि जिस जमीन पर कार्रवाई प्रस्तावित है, उसका मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में कोर्ट के अंतिम फैसले से पहले मकान तोड़ना पूरी तरह गलत और अन्यायपूर्ण है।प्रभावित ग्रामीणों में रामजीत यादव, रामजियावन यादव और मुद्रिका यादव आदि शामिल हैं।
उनका कहना है कि वे पीढ़ियों से इस पुश्तैनी जमीन पर रह रहे हैं और यहां उनके स्थायी मकान बने हुए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन पर गलत सीमांकन करने और किसी के दबाव में कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाया है।ग्रामीणों ने कलेक्टर से गुहार लगाते हुए मांग की है कि जब तक जमीन का सही से सीमांकन नहीं हो जाता और हाईकोर्ट से अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई रोकी जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि कड़ाके की ठंड के मौसम में यदि मकान गिराए गए तो महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के सामने गंभीर संकट पैदा हो जाएगा।ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन नहीं माना तो वे आगे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा है। प्रशासन की ओर से इस मामले में अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
