वृंदावन, मथुरा (उत्तर प्रदेश): संत प्रेमानंद महाराज का प्रसिद्ध राधा केलि कुंज आश्रम इन दिनों गंभीर प्रशासनिक और कानूनी विवादों में घिर गया है। आश्रम से जुड़े शिष्य दीपक पटेल उर्फ रसिक दुलारी शरण (25 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में चौथी मंजिल से गिरकर हुई मौत के बाद अब 17 वर्षीय अनुज चौधरी, नोएडा की 38 वर्षीय विभा कुमारी और आश्रम के पास स्थित ढाबे से 10 वर्षीय बच्चा वंश गायब हो चुके हैं। घटना से व्यथित परिजनों ने आश्रम परिसर के बाहर धरना देकर निष्पक्ष पुलिस जांच की मांग तेज कर दी है।
रसिक दुलारी शरण की मौत ने खड़े किए गंभीर सवाल: कटी गुप्तांग और CCTV फुटेज की जांच जारी
उत्तर प्रदेश के जबलपुर निवासी 25 वर्षीय दीपक पटेल, जिन्होंने दो वर्ष पूर्व प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी और जिन्हें रसिक दुलारी शरण नाम मिला था, उनकी 25 सितंबर 2026 को वाराह घाट स्थित गुरु कृपा कुंज भवन की चौथी मंजिल से गिरकर मौत हो गई थी।
मथुरा पुलिस के अनुसार: “पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अत्यधिक रक्तस्राव को मौत का मुख्य कारण बताया गया है। शुरुआती जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, परंतु मृतक के कमरे से एक ग्राइंडर बरामद होना और गुप्तांग पर गंभीर चोट के निशान मिलना मामले को पेचीदा बनाता है।”
| [घटनाक्रम टाइमलाइन: रसिक दुलारी शरण मामला] | |
|---|---|
| 25 सितंबर 2026 (सुबह 10:25 AM) | : दीपक पटेल अपने कमरे से बाहर निकले। |
| 25 सितंबर 2026 (सुबह 10:30 AM) | : चौथी मंजिल की छत पर पहुंचे। |
| 25 सितंबर 2026 (सुबह 10:36 AM) | : छत से नीचे सड़क पर गिरे। |
| 28 सितंबर – 02 अक्टूबर 2026 | : डिलीट किए गए मोबाइल डेटा, चैट और ब्लड सैंपल की फॉरेंसिक लैब जांच जारी। |
मथुरा पुलिस ने आरोपी या संबंधित डिजिटल साक्ष्यों को खंगालने के लिए मृतक का मोबाइल फोन फॉरेंसिक लैब (FSL) भेजा है ताकि डिलीट किए गए व्हाट्सएप चैट, फोटो और वीडियो रिकवर किए जा सकें।
हाथरस के अनुज चौधरी का मामला: 3 महीने से तलाश, आश्रम के बाहर धरना
हाथरस जिले के सादाबाद निवासी 17 वर्षीय अनुज चौधरी के परिजन संत प्रेमानंद महाराज के राधा केलि कुंज आश्रम के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। पिता राजवीर चौधरी का आरोप है कि उनका बेटा करीब 3 महीने पहले दीक्षा लेने वृंदावन आया था, जिसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिल सका।
परिजनों का गंभीर आरोप है कि जब वे अपने बेटे की जानकारी मांगने आश्रम पहुंचे, तो उन्हें कोई सहयोग नहीं मिला और मिलने तक नहीं दिया गया। हालांकि, जब मीडिया और पुलिस का दबाव बढ़ा, तो आश्रम प्रबंधन ने अनुज के वहां होने की बात स्वीकार की और औपचारिकताएं पूरी कर सौंपने का आश्वासन दिया। परिजनों ने सवाल उठाया है कि यदि अनुज सुरक्षित था, तो उसे इतने महीनों तक क्यों छिपाया गया?
नोएडा की विभा कुमारी और 10 वर्षीय बच्चा वंश भी लापता
अनुज चौधरी के परिजनों के धरने के दौरान दो अन्य पीड़ित परिवार भी अपनी व्यथा लेकर आश्रम परिसर के बाहर पहुंचे।
1. नोएडा की विभा कुमारी (38 वर्ष)
नोएडा सेक्टर 56 निवासी उमेश सिन्हा अपनी 38 वर्षीया बेटी विभा कुमारी की तलाश में वृंदावन पहुंचे हैं। पिता के अनुसार, विभा 15 अगस्त 2026 को घर से प्रेमानंद महाराज के आश्रम में दीक्षा लेने की बात कहकर निकली थी, लेकिन तब से उसका फोन बंद है। इस संबंध में नोएडा पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है।
2. 10 वर्षीय बच्चा वंश
नजफगढ़ (दिल्ली) निवासी अनीता, जो आश्रम के बाहर एक ढाबे पर खाना बनाने का काम करती हैं, उन्होंने बताया कि उनका 10 वर्षीय बेटा वंश पिछले छह दिनों से ढाबे के बाहर से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब है। उन्होंने भी स्थानीय पुलिस से गुहार लगाई है।
सोशल मीडिया, डिजिटल उपस्थिति और आश्रम व्यवस्था पर उठते सवाल
वर्ष 2023 के जनवरी महीने में जब क्रिकेटर विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा अपनी बेटी वामिका के साथ प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे थे, तब महाराज जी की ख्याति वैश्विक स्तर पर पहुंची थी। सोशल मीडिया पर उनके सत्संग के छोटे क्लिप्स (Reels & Shorts) तेजी से वायरल हुए।
हालांकि, पिछले कुछ महीनों से आश्रम में कई व्यवस्थागत परिवर्तन देखे गए हैं:
- पदयात्रा का स्थगन: प्रेमानंद महाराज द्वारा देर रात की जाने वाली प्रसिद्ध पदयात्रा पिछले कई महीनों से स्वास्थ्य और सुरक्षा कारणों का हवाला देकर बंद कर दी गई है।
- यूट्यूब वीडियो का रुकना: उनके आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर नियमित नए सत्संग वीडियो आना बंद हो चुके हैं।
- स्थान परिवर्तन: यमुना पार नए आश्रम के निर्माण और महाराज जी के वहां स्थानांतरित होने को लेकर भी श्रद्धालुओं में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं।
People Also Ask (FAQs)
Q1: प्रेमानंद महाराज के आश्रम में शिष्य की मौत का पूरा मामला क्या है?
उत्तर: जबलपुर निवासी 25 वर्षीय दीपक पटेल उर्फ रसिक दुलारी शरण की 25 सितंबर 2026 को वृंदावन स्थित गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से गिरकर मौत हो गई थी। शव के पोस्टमार्टम में अत्यधिक रक्तस्राव की पुष्टि हुई, वहीं कमरे से ग्राइंडर और गुप्तांग पर चोट मिलने के कारण मथुरा पुलिस हर कोण से जांच कर रही है।
Q2: अनुज चौधरी के परिजनों ने आश्रम के बाहर धरना क्यों दिया?
उत्तर: हाथरस निवासी 17 वर्षीय अनुज चौधरी 3 महीने पहले प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने वृंदावन आया था। परिजनों का आरोप है कि आश्रम प्रबंधन ने बेटे की सही जानकारी नहीं दी और न ही मिलने दिया। पुलिस और मीडिया के हस्तक्षेप के बाद ही आश्रम ने अनुज की मौजूदगी की पुष्टि की।
Q3: नोएडा की विभा कुमारी के गायब होने का क्या मामला है?
उत्तर: नोएडा सेक्टर 56 की 38 वर्षीय विभा कुमारी 15 अगस्त 2026 को संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने की बात कहकर घर से निकली थी। तब से उनका कोई सुराग नहीं मिला है। उनके पिता उमेश सिन्हा ने नोएडा पुलिस में मामला दर्ज कराने के बाद वृंदावन में उनकी तलाश तेज कर दी है।
Q4: क्या प्रेमानंद महाराज के सत्संग और पदयात्रा बंद हो गए हैं?
उत्तर: हां, पिछले कुछ महीनों से प्रेमानंद महाराज की प्रसिद्ध रात्रि पदयात्रा सुरक्षा और स्वास्थ्य कारणों से स्थगित है। साथ ही, उनके आधिकारिक यूट्यूब प्लेटफॉर्म्स पर नए सत्संग वीडियो का प्रसारण फिलहाल थम गया है, जिससे अनुयायियों में कई तरह की चिंताएं हैं।
Q5: पुलिस प्रशासन इस पूरे विवाद में क्या कार्रवाई कर रहा है?
उत्तर: मथुरा पुलिस प्रशासन और वृंदावन क्षेत्राधिकारी (CO) मामले की जांच में जुटे हैं। मृतक शिष्य का मोबाइल फोन फॉरेंसिक डेटा रिकवरी के लिए भेजा गया है, सीसीटीवी फुटेज जब्त किए गए हैं, और आश्रम के आसपास से गायब हुए लोगों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
निष्कर्ष
प्रेमानंद महाराज के आश्रम में घटी घटनाएं—चाहे वह रसिक दुलारी शरण की दुखद मृत्यु हो या फिर नाबालिगों एवं श्रद्धालुओं की गुमशुदगी—ने धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन, सुरक्षा मानकों और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
उत्तर प्रदेश पुलिस और मथुरा प्रशासन के लिए यह आवश्यक है कि वे बिना किसी दबाव के फॉरेंसिक साक्ष्यों, सीसीटीवी डेटा और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर एक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच रिपोर्ट जनता के समक्ष रखें। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और लापता व्यक्तियों के परिजनों के न्याय के लिए इस पूरे घटनाक्रम की सत्यता जल्द से जल्द सामने आना अत्यंत आवश्यक है।

