Pregnancy Diet: गर्भावस्था के दौरान एक मां का खान-पान केवल उसकी सेहत के लिए ही नहीं बल्कि उसके बच्चों की भविष्य की खानपान की आदतों को भी प्रभावित कर सकता है। हाल ही में सामने आई जानकारी के अनुसार प्रेगनेंसी डाइट में शामिल सब्जियों के बारे में बताया गया है कि सब्जियों का स्वाद बच्चा गर्भ में ही महसूस कर सकता है जिसका असर बाद में उसकी खाने की चॉइस पर देखने को मिल जाता है।
रिसर्च में Pregnancy Diet से जुड़ी जानकारी
दरअसल प्रेगनेंसी डाइट से संबंधित अध्ययन यूरोप की कई यूनिवर्सिटीज और रिसर्च संस्थानों की मदद से किया गया था इसमें गर्भवती महिलाओं को लेकर अलग-अलग सब्जियों के फ्लेवर दिए गए जिसमें खास तौर पर गाजर और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल थी। बाद में बच्चों का रिएक्शन भी देखा गया और रिएक्शन में ऐसा पाया गया कि जिन भी बच्चों ने गर्भ में गाजर का स्वाद अनुभव किया था उन्होंने जन्म के बाद उसी खुशबू पर ज्यादा पॉजिटिव रिएक्शन दिया। वहीं कुछ बच्चों ने हरी सब्जियों की गंध को भी आसानी से स्वीकार कर लिया डॉक्टर का मानना है कि एमनियोटिक फ्लूड के जरिए बच्चों तक खान-पान का स्वाद पहुंच सकता है।
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Pregnancy Diet और बच्चे की पसंद का संबंध?
डॉक्टर के अनुसार गर्भ में बच्चा केवल शारीरिक रूप से ही नहीं विकसित होता है बल्कि वह आसपास के सेंसरी एक्सपीरियंस को भी महसूस करता है। मां जब भी भोजन खाती है तो उसकी कुछ फ्लेवर कंपाउंड पेट में मौजूद फ्लूइड तक पहुंच सकते हैं। इसी कारण माना जा रहा है कि अगर मां अपनी डाइट में हेल्दी वेजिटेबल्स खाती है और नेचुरल फूड्स को शामिल करती है तो बच्चे के लिए बाद में उन चीजों को खाना बहुत आसान होगा। हालांकि डॉक्टर यह भी बताते हैं कि केवल प्रेगनेंसी का खाना ही बच्चों की खाने की चॉइस तय नहीं करती है।
अब स्टडी की सीमाएं भी समझना जरूरी
हालांकि डॉक्टर के द्वारा की जाने वाली रिसर्च कास्ट की दिलचस्प है लेकिन वैज्ञानिकों ने इसके लिए कुछ सीमाओं का भी जिक्र किया है। अध्ययन का स्तर बहुत छोटा था और सभी बच्चों को लंबे समय तक ऑब्जर्व भी नहीं किया गया हैइसमें। इसके अलावा जेनेटिक्स, फैमिली एनवायरमेंट, पेरेंटिंग स्टाइल और घर का खानपान भी बच्चों के खाने की आदतों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए इस रिसर्च को एक शुरुआती संकेत के तौर पर देख सकते हैं ना अंतिम निष्कर्ष।
इसपर डॉक्टर क्या सलाह दे रहे हैं?
डॉक्टर का कहना है की प्रेगनेंसी डाइट हमेशा बैलेंस और न्यूट्रिएंट्स होनी चाहिए। गर्भवती महिलाओं को अपनी डाइट में हरी सब्जियां सीजनल फ्रूट्स और प्रोटीन आधारित भोजन के साथ-साथ अनाज आदि को शामिल करना चाहिए। डॉक्टर के मुताबिक Pregnancy Diet का मतलब है हेल्दी डाइट जो मन और बच्चों दोनों के लिए ओवरऑल स्वास्थ्य के लिए बहुत ही जरूरीहो। बाजार के खाने से दूरी बनाए रखने की भी सलाह दी जाती है।
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डॉक्टर की यह रिसर्च क्यों चर्चा में ?
अक्सर बच्चों में कम उम्र में ही हेल्दी खाने की आदतें विकसित करना बहुत बड़ी चुनौती हो जाती है। ऐसे में यह रिसर्च इस बात की तरफ इशारा करती है कि स्वस्थ खाना कब खाना चाहिए? डॉक्टर के अनुसार तो स्वस्थ खाने की शुरुआत गर्भावस्था के दौरान ही करनी चाहिए. हालांकि इस विषय पर अभी बड़े लेवल पर रिसर्च होने की जरूरत है।

