रीवा। रीवा पुलिस ने तीव्र ध्वनि वाले मोडीफाइ साइलेंसरों के खिलाफ मुहिम चलाकर कार्रवाई की है। शहर की सड़कों पर फट-फट करते बाइकों के इन साइलेंसरों से न सिर्फ ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है बल्कि इससे दुर्घटना होने एवं दिल के मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे वाहनो पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने मुहिम चलाया और दो पहिया वाहनों के साइलेंसरों की जांच करके उन्हे निकलवाने की कार्रवाई की।
नष्टी करण की हुई कार्रवाई
पुलिस कंट्रोल रूम के सामने शहर के यातायात थाना पुलिस द्वारा व्हीकल एक्ट के तहत ऐसे मोडीफाइ साइलेंसर वाले वाहनों की जांच करके उनके साइलेंसर निकलवाएं गए और उन पर बुल्डोजर चलवाकर नष्टी करण की कार्रवाई की गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से टू-व्हीलर वाहन चालकों में खलबली रही। इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए यातायात थाना प्रभारी अनीमा शर्मा ने बताया कि ऐसे साइलेंसरों के लिए मोटर व्हीकल एक्ट में प्रावधन है। जिसके तहत कार्रवाई करके इनका नष्टी करण किया जा रहा है।
क्यों उपयुक्त नही है मोडीफाइ साइलेंसर
पुलिस का कहना है कि मोडीफाइ साइलेंसर किसी भी तरह से उपयुक्त नही है। ऐसे वाहन जब निकलते है तो उनकी आवाज से कई बार दूसरे वाहन चालक का नियंत्रण बिगड़ जाता है और दुर्घटनाएं हो रही है। ऐसे वाहन लगे साइलेंसर किसी भी तरह से उपयोगी नही है। ये केवल ध्वनि प्रदूषण फैलाने का काम कर रहे है, युवा स्टंट के चक्कर में ऐसे साइलेंसर का उपयोग कर रहे है। इसके आवाज से हार्ट मरीजों को खास तौर से दिक्कते होती है, क्योकि इतनी तीव्र इसकी आवाज होती है कि हार्ट तक हिल जाता है। दूसरे वाहन चालको का वाहन चलाने से दिमांग हट जाता है। जिससे दुर्घटना की आशंका होती है।

